Raksha Bandhan 2026 : भाई-बहन के प्यार और स्नेह का त्योहार रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा. पर्व को लेकर जिलेभर के बाजारों में रौनक बढ़ गयी है. जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड मुख्यालय और गांव-कस्बों के बाजारों में गुरुवार से ही खरीदारों की भीड़ नजर आने लगी है. बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके पहुंच रही हैं. ट्रेन, बस और ऑटो में भी महिलाओं की आवाजाही बढ़ गयी है.
बाजारों में सजी रंग-बिरंगी राखियां
रक्षाबंधन को लेकर जहानाबाद के बाजारों में एक से बढ़कर एक राखियां उपलब्ध हैं. कहीं रेशम की राखी सज रही है, तो कहीं जरी और मोतियों से बनी राखियां बहनों को आकर्षित कर रही हैं. अमेरिकन डायमंड वाली राखियों की भी मांग बनी हुई है. फुटपाथ से लेकर बड़ी दुकानों तक राखी खरीदने के लिए बहनों की भीड़ देखी जा रही है.
चांदी की राखियों की भी बढ़ी मांग
आम दुकानों पर जहां रेशम, जरी और डिजाइनर राखियों की बिक्री हो रही है, वहीं सोने-चांदी की दुकानों पर चांदी की राखियों की मांग भी बढ़ गयी है. चांदी की कुछ राखियों में रेशम की डोर लगी है, जबकि कुछ में कलाई पर पहनने के लिए चांदी की कड़ी या चेन भी दी गयी है. इन राखियों की कीमत चांदी के वजन और भाव के अनुसार तय की जा रही है.
मिठाई की दुकानों पर भी उमड़ी भीड़
राखी के साथ मिठाई की खरीदारी को लेकर भी बाजारों में भीड़ बढ़ गयी है. दुकानों पर खोया, काजू कतली, छेना और अन्य तरह की मिठाइयां सजी हुई हैं. बहनें राखी के साथ भाइयों के लिए मिठाई भी खरीद रही हैं. चीनी की कीमत बढ़ने के कारण इस बार मिठाइयों के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है.
मायके जाने के लिए बढ़ी महिलाओं की आवाजाही
रक्षाबंधन पर ससुराल में रहने वाली बहनें भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके जा रही हैं. दूर-दराज रहने वाली कई बहनें पहले ही अपने भाइयों के घर पहुंच चुकी हैं. वहीं जिले और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाली बहनें गुरुवार को अपने भाइयों के पास पहुंच रही हैं. इससे ट्रेन, बस और अन्य सार्वजनिक वाहनों में भी भीड़ बढ़ गयी है.
28 अगस्त को नहीं रहेगा भद्रा का प्रभाव
पंडित राजू शास्त्री के अनुसार इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा. उन्होंने बताया कि भद्रा 27 अगस्त को सुबह 9:09 बजे शुरू होकर रात 9:25 बजे समाप्त हो जाएगी. इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने में भद्रा का व्यवधान नहीं रहेगा.
चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखेगा
28 अगस्त को साल का अंतिम चंद्रग्रहण होने की बात कही गयी है. यह सुबह 6:53 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा. हालांकि, चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए पंडित राजू शास्त्री के अनुसार भारत में इसका धार्मिक प्रभाव मान्य नहीं होगा.
Raksha Bandhan 2026 का शुभ मुहूर्त
उदयाकालीन त्रिमुहूर्त व्यापिनी पूर्णिमा होने के कारण शुक्रवार को दिनभर रक्षाबंधन का योग बताया गया है. हालांकि, कुछ विशेष समय को राखी बांधने के लिए अधिक शुभ और फलदायी माना गया है.
राखी बांधने के प्रमुख शुभ मुहूर्त
| समय | शुभ मुहूर्त |
| प्रातः काल | सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:04 बजे से 12:53 बजे तक |
| दोपहर का शुभ समय | दोपहर 12:28 बजे से 2:03 बजे तक |
| दोपहर का अन्य शुभ समय | दोपहर 1:44 बजे से 4:16 बजे तक |
| संध्याकाल | शाम 5:13 बजे से 6:48 बजे तक |
भाई-बहन के प्रेम से गुलजार रहा बाजार
रक्षाबंधन को लेकर जहानाबाद के बाजारों में खरीदारी का उत्साह साफ नजर आ रहा है. राखी, मिठाई और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गयी है. पर्व के एक दिन पहले बाजारों में और अधिक चहल-पहल रहने की उम्मीद है.
