जहानाबाद नगर. एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत 6 माह से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम के लिए निर्धारित समय और मात्रा के अनुसार आयरन सिरप व टैबलेट का सेवन कराया जा रहा है. इसी क्रम में रतनी फरीदपुर प्रखंड के कखौरा आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों को निर्धारित आयरन सिरप पिलाने के बाद कुछ बच्चों में उल्टी की शिकायत की सूचना मिली.
डीएम के निर्देश पर तत्काल हुई मामले की जांच
सूचना जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया के संज्ञान में आने के बाद उनके निर्देशानुसार अपर समाहर्ता विशेष कार्यक्रम, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस और संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी ने तत्काल मामले की जांच की. इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति का भी जायजा लिया गया.
खाली पेट सिरप लेने से हो सकती है उल्टी : चिकित्सक
जांच के दौरान उपस्थित चिकित्सक डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि आयरन सिरप के सेवन के बाद कुछ बच्चों में कभी-कभी उल्टी जैसी सामान्य समस्या हो सकती है. खाली पेट आयरन सिरप का सेवन करने अथवा सिरप की गंध या स्वाद के कारण भी कुछ बच्चों में ऐसी प्रतिक्रिया हो सकती है. सामान्य रूप से यह स्थिति चिंताजनक नहीं होती.
सीमित उल्टी होने पर ओआरएस देने की सलाह
चिकित्सक की उपस्थिति में अपर समाहर्ता विशेष कार्यक्रम ने अभिभावकों को बताया कि यदि बच्चे को सीमित बार उल्टी होती है, तो प्राथमिक रूप से ओआरएस का घोल देते हुए उसकी निगरानी की जाए. यदि उल्टी बार-बार हो अथवा बच्चे में कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दे, तो तत्काल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या अन्य स्वास्थ्य संस्थान से चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए.
जांच में सभी बच्चे स्वस्थ मिले
जांच के समय सभी बच्चे स्वस्थ पाए गए. संबंधित बच्चों के अभिभावकों को आयरन सिरप के सेवन के सही तरीके और सेवन के बाद कभी-कभी होने वाली सामान्य प्रतिक्रियाओं के संबंध में जागरूक किया गया.
निर्धारित मात्रा में आयरन सिरप देने की अपील
अभिभावकों से अपील की गयी कि बच्चों में आयरन की कमी और एनीमिया की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उपलब्ध कराये जा रहे आयरन सिरप या टैबलेट का सेवन बच्चों को अवश्य कराएं. सामान्य प्रतिक्रिया की स्थिति में घबराने के बजाय बच्चे की निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.
आंगनवाड़ी केंद्रों पर पहले से जागरूक करने का निर्देश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस को निर्देश दिया गया कि जिले के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर सेविका और संबंधित आशा कार्यकर्ता आपसी समन्वय से बच्चों के अभिभावकों को आयरन सिरप व टैबलेट के सही सेवन, निर्धारित मात्रा तथा सेवन के बाद कभी-कभी होने वाली उल्टी, चक्कर अथवा अन्य सामान्य प्रतिक्रियाओं के संबंध में पहले से जागरूक करें.
दवा सेवन के बाद बच्चों की निगरानी पर जोर
साथ ही दवा के सेवन के बाद बच्चों की नियमित निगरानी और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
