Arwal News: जनगणना 2027 के सफल एवं समयबद्ध संचालन को लेकर जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने के लिए ग्राम निर्देशिका एवं नगर निर्देशिका से संबंधित आंकड़ों के संकलन और संधारण को लेकर समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ. प्रशिक्षण के दूसरे दिन संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक जानकारी और दिशा-निर्देश दिए गए.
ग्राम और नगर स्तर पर जुटाई जाएंगी आधारभूत सुविधाओं की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान जिला जनगणना हस्तपुस्तिका निर्माण की प्रक्रिया, आंकड़ों के संकलन की विधि, विभिन्न प्रपत्रों के सही संधारण तथा समयबद्ध कार्य निष्पादन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई. अधिकारियों और कर्मियों को ग्राम एवं नगर स्तर पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं तथा सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय आंकड़ों के शुद्ध एवं प्रमाणिक संकलन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
विकास योजनाओं के निर्माण में उपयोगी होगी जिला जनगणना हस्तपुस्तिका
प्रशिक्षण में बताया गया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका जिले की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, नागरिक सुविधाओं, आधारभूत संरचनाओं और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का विस्तृत दस्तावेज होती है. इसका निर्माण ग्राम निर्देशिका एवं नगर निर्देशिका में संकलित सूचनाओं के आधार पर किया जाता है, जो भविष्य की विकास योजनाओं एवं नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
नौ अनुभागों के अंतर्गत किया जाएगा आंकड़ों का संकलन
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ग्राम एवं नगर निर्देशिका में कुल नौ अनुभागों के अंतर्गत सूचनाओं का संकलन किया जाएगा. ग्राम निर्देशिका में शैक्षणिक सुविधाएं, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल एवं स्वच्छता, संचार, परिवहन एवं संपर्क व्यवस्था, बैंकिंग एवं ऋण सुविधा, विद्युत एवं ऊर्जा स्रोत, भूमि उपयोग एवं सिंचाई व्यवस्था, कृषि उत्पादन, विनिर्माण एवं हस्तशिल्प सहित अन्य जानकारियां शामिल होंगी.
वहीं नगर निर्देशिका में नगर की स्थिति एवं विकास का इतिहास, भौगोलिक विवरण, जलवायु, नागरिक एवं आधारभूत संरचनाएं, शैक्षणिक, सामाजिक, मनोरंजन एवं सांस्कृतिक सुविधाएं, उद्योग एवं बैंकिंग, चिकित्सा सुविधाएं तथा स्लम क्षेत्रों की नागरिक सुविधाओं सहित अन्य आंकड़े जुटाए जाएंगे.
एक अगस्त से शुरू होगा आंकड़ा संकलन कार्य
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि आंकड़ा संकलन का कार्य जिले के सभी चार्जों में 1 अगस्त से 30 अगस्त तक संचालित किया जाएगा. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने तथा जनगणना संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
प्रशिक्षण के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित प्रपत्रों में पूरी शुद्धता और सावधानी के साथ आंकड़ों का संकलन करने का निर्देश दिया गया, ताकि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का प्रकाशन गुणवत्तापूर्ण एवं त्रुटिरहित हो सके.
