जहानाबाद के रतनी से अविनाश कुमार की रिपोर्ट
BPSC 70th Result: जहानाबाद जिले के रतनी प्रखंड क्षेत्र के पंडौल पंचायत अंतर्गत हजामपुर गांव की बेटी अमृता भारती ने बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के फाइनल रिजल्ट में 1910 रैंक लाकर आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. इसकी सूचना जैसे ही स्थानीय विधायक राहुल कुमार को मिली, श्री कुमार मंगलवार को तुरंत उनके जहानाबाद स्थित आवास पर पहुंचे. वहां उन्होंने अमृता भारती को इस गौरवपूर्ण सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी. साथ ही उन्होंने मिठाई खिलाकर और आगे बढ़ने तथा प्रशासनिक सेवा में ऊंचे मुकाम हासिल करने की नसीहत दी.
तीसरे प्रयास में हासिल किया मुकाम
मालूम हो कि अमृता ने अपने कड़े संघर्ष और अटूट इरादों के बदौलत तीसरे प्रयास में इस गौरवपूर्ण मुकाम को हासिल किया है. इसके पहले के दो प्रयासों में उन्हें असफलता हाथ लगी थी, जिससे वे थोड़ी निराश जरूर हुईं, लेकिन माता-पिता के लगातार प्रोत्साहन और खुद के आत्मविश्वास से उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. उनके तीसरे प्रयास की रणनीति रंग लाई और वे परीक्षा में सफल रहीं. अमृता की इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि अगर दृढ़ संकल्प हो, तो बार-बार मिलने वाली असफलता भी अंततः सफलता की राह नहीं रोक सकती.
71वीं बीपीएससी में और बेहतर करने का इरादा
मुलाकात के दौरान अमृता ने विधायक श्री कुमार को बताया कि उन्होंने 71वीं बीपीएससी की मुख्य (मेन्स) परीक्षा भी दे रखी है और उनका इरादा भविष्य में और भी बेहतर रैंक लाकर बड़े पद पर जाने का है. विधायक ने छात्रा की इस प्रगतिशील सोच की जमकर हौसला अफजाई करते हुए कहा कि जब सोच बड़ी होती है तो सफलता भी निश्चित रूप से बड़ी मिलती है. इसके लिए निरंतर मेहनत करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आपने जिस तरह से अब तक विपरीत परिस्थितियों में मेहनत की है, मुझे पूरा भरोसा है कि आप अपने अगले मिशन में भी जरूर कामयाब होंगी.
परिवार में जश्न और गर्व का माहौल
इस ऐतिहासिक सफलता के बाद अमृता के पिता विनोद कुमार के साथ-साथ पूरे घर-परिवार के लोग अपनी बेटी की इस अद्भुत उपलब्धि से काफी गदगद हैं. परिजनों का कहना है कि अमृता ने दिन-रात कड़ी मेहनत कर यह मुकाम खुद के दम पर हासिल किया है. वहीं अमृता के बाबा परशुराम शर्मा की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है और वे अपनी पोती की इस बड़ी कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं. गांव के लोगों का भी मानना है कि अमृता की इस सफलता से क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी उच्च शिक्षा और सिविल सर्विसेज में जाने की एक नई प्रेरणा मिलेगी.
Also Read: अचानक निरीक्षण में पहुंची डीएम, जहानाबाद सदर अस्पताल में इमरजेंसी से गायब मिला डॉक्टर
