Arwal News : अरवल में श्रमिकों और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ की ओर से सोमवार को देशव्यापी कार्यक्रम के तहत अरवल में प्रदर्शन किया गया. संघ के जिलाध्यक्ष मनिंद्र कुमार के नेतृत्व में कर्मियों ने प्रदर्शन कर सरकार से लंबित मांगों के तत्काल समाधान की मांग की.
न्यूनतम पेंशन ₹7,500 करने की मांग
संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ की 161वीं केंद्रीय कार्य समिति की बैठक 26 से 28 जुलाई तक रांची में आयोजित हुई थी. बैठक में श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया था.
उन्होंने कहा कि मांगें सिर्फ वेतन और सेवा शर्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ी हैं. सरकार से इन मांगों पर तय समय-सीमा के भीतर विचार कर समाधान करने की मांग की गई है.
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने और इसे आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग की गई. इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग भी उठाई गई.
ग्रेच्युटी की गणना 30 दिन के वेतन पर करने की मांग
संघ ने ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की गणना के लिए कवरेज की अधिकतम सीमा को दोगुना करने की मांग की. ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के वेतन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने और इसकी अधिकतम सीमा समाप्त करने की मांग भी रखी गई.
समान काम के लिए समान वेतन की मांग
भारतीय मजदूर संघ ने सभी कर्मचारियों, जिसमें संविदा कर्मी भी शामिल हैं, के लिए समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की. साथ ही बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि करने की मांग की गई. संघ ने कहा कि श्रमिकों की गरिमा, बेहतर कार्य परिस्थितियों, उचित पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. प्रदर्शन के दौरान 11 सूत्री मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई.
