Bihar News: न्यायालय ने जेल अधीक्षक से पूछा- क्यों नहीं दर्ज किया जाये आपके विरुद्ध मुकदमा, जानें कारण

Bihar News: कोर्ट न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कि अदालत ने जेल अधीक्षक, जेलर मंडल कारागार को अपना व्यक्तिगत कारण बताओ नोटिस प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

Bihar News: जहानाबाद नगर. अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदिति कुमारी इंचार्ज कोर्ट न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कि अदालत ने जेल अधीक्षक, जेलर मंडल कारागार को अपना व्यक्तिगत कारण बताओ नोटिस प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि आपके और अन्य दोषी अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा क्यों न दर्ज किया जाये. दरअसल पूरा मामला है कि अदालत के समक्ष अपनी हाजिरी के दौरान एक अभियुक्त ने जेल में जेल अधिकारी द्वारा मारपीट का शिकायत किया था. इसके साथ ही उसके अधिवक्ता ने भी उसी शिकायत के संबंध में एक याचिका दायर किया था, उसने अदालत के समक्ष बताया कि जेलर के आदेश पर सिपाही और अन्य लोगों ने लाठी-डंडा से बेरहमी से मारपीट किया है, जिसके कारण उक्त कैदी के पैर, जांघ, हाथ पर गंभीर चोटें आई है, जिससे वह चलने में असमर्थ हो गया है.

अदालत ने देखा चोट के निशान

इसके अलावा अदालत द्वारा पूछे जाने पर उक्त अभियुक्त ने कुछ शरीर के अंग भी दिखाए, जहां हमले के कारण उसे चोटें आयी थी. चोट के निशान के साथ ही अदालत ने यह भी देखा है कि चोट के कारण अभियुक्त सामान्य रूप से चलने में असमर्थ है. अभियुक्त ने न्यायालय को बताया कि जेल प्रशासन ने उसे झूठे मामले में फंसाने और भागलपुर जेल भेजने तथा शिकायत करने पर फिर से मारपीट करने की धमकी दी है. अदालत ने कहा कि अभियुक्त के साथ जेल प्रशासन ने क्रूरतापूर्वक मारपीट की है, यह बहुत ही विडंबनापूर्ण है कि कैदियों के संरक्षक होने के नाते, जेल प्रशासन ने बिना किसी वैध अधिकार के केवल व्यक्तिगत प्रतिशोध की भावना से मारपीट की है. इसी को लेकर अदालत ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है कि उक्त घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखें और न्यायालय को भेजें तथा अभियुक्त को सिविल सर्जन के समक्ष मेडिकल जांच के लिए प्रस्तुत करें और उसे उचित उपचार प्रदान करें.

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जेलर को व्यक्तिगत कारण बताओ नोटिस

अदालत ने जेल अधीक्षक, जेलर को अपना व्यक्तिगत कारण बताओ नोटिस प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस घटना के लिए आपके और आपके अन्य दोषी अधिकारियों के विरुद्ध मुक़दमा क्यों न दर्ज की जाए. इसके साथ ही सिविल सर्जन जहानाबाद को चिकित्सा जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने के साथ साथ अभियुक्त का जख्म प्रतिवेदन न्यायालय में समर्पित करने का भी निर्देश दिया है. डीएम को इस घटना के संबंध में जांच करने तथा मंडल कारा के दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. साथ ही न्यायालय ने कहा कि अभियुक्त ने जेल प्राधिकार के विरुद्ध आवाज उठाया है, जिसके कारण उसके साथ अप्रिय घटना होने की पूरी संभावना है, इसलिए डीएम, जेल अधीक्षक एवं जेलर को उक्त अभियुक्त की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

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लेखक के बारे में

By Radheshyam kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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