jehanabad News : जहानाबाद जिले के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण वाणावर पहाड़ स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ (सिद्धनाथ) मंदिर में सावन की पहली सोमवारी पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. बिहार के विभिन्न जिलों समेत आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की. पूरे दिन मंदिर परिसर और वाणावर पहाड़ "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से गुंजायमान रहा.
रात से ही शुरू हो गया था श्रद्धालुओं का पहुंचना
श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना रविवार देर रात से ही शुरू हो गया था. सोमवार सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं. श्रद्धालुओं ने प्राकृतिक जलस्रोत में स्नान करने के बाद पहाड़ी मार्ग से मंदिर पहुंचकर मुख्य द्वार पर स्थापित अर्घा सिस्टम के माध्यम से भगवान शिव का जलाभिषेक एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.
व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण दर्शन
श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम किए थे. मंदिर परिसर, पहाड़ी मार्ग और मेला क्षेत्र में पुलिस बल, दंडाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र, मेडिकल कैंप, पेयजल, प्राथमिक उपचार सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं. भीड़ अधिक होने के बावजूद कतार व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन और जलाभिषेक कराया गया.
डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण
रविवार देर रात जिलाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया एवं पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने वाणावर पहाड़ स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर और मेला क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, कतार प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. अधिकारियों ने ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया.
लंगर सेवा और बाजार रहे आकर्षण का केंद्र
मंदिर के प्रबंधक भानु प्रताप उर्फ गुड्डू बाबा ने बताया कि पहली सोमवारी पर 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा सिद्धनाथ का जलाभिषेक किया. उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की. मेला परिसर में पाई विगहा लंगर समिति सहित कई सामाजिक संगठनों ने नि:शुल्क लंगर का आयोजन किया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. वहीं पूजा सामग्री, खिलौने, श्रृंगार सामग्री और खान-पान की दुकानों पर भी दिनभर भारी भीड़ रही.
मगध के प्रमुख शिवधामों में शामिल है सिद्धनाथ मंदिर
श्रावण की पहली सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि वाणावर पहाड़ स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर मगध ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के प्रमुख शिवधामों में अपनी विशेष धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्था और श्रद्धालुओं के सहयोग से पहली सोमवारी का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
