छह माह से मानदेय नहीं मिलने पर फूटा सेविका-सहायिकाओं का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने छह महीने से मानदेय और दो महीने से पोषाहार लंबित होने पर रोष जताया है। उन्होंने ड्रेस की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए और अतिरिक्त कार्यों के लिए भत्ते की मांग की। मांगें पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

Arwal News: अरवल जिले के कलेर स्थित बेलसार सूर्य मंदिर परिसर में रविवार को आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सेविका मीना कुमारी ने की. इसमें बड़ी संख्या में सेविका एवं सहायिकाओं ने भाग लिया और अपनी लंबित समस्याओं पर चर्चा करते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग उठाई.

दो माह से पोषाहार लंबित, छह माह से नहीं मिला मानदेय

बैठक में सेविका-सहायिकाओं ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए मिलने वाला पोषाहार पिछले दो माह से लंबित है. इसके बावजूद विभाग की ओर से एफआरएस की प्रक्रिया पूरी कराने का दबाव बनाया जा रहा है. वहीं, पिछले छह माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. इससे आर्थिक संकट गहरा गया है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है.

ड्रेस की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल

सेविका-सहायिकाओं ने आरोप लगाया कि जीविका के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे ड्रेस की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है. कई बच्चों को सही आकार के कपड़े भी नहीं मिल रहे हैं. इसका जवाब अभिभावकों को सेविकाओं को ही देना पड़ता है.

उन्होंने कहा कि गृह भ्रमण, अन्नप्राशन, गोदभराई, सर्वे, पोषण ट्रैकिंग सहित कई अतिरिक्त कार्य कराए जाते हैं. इसके बावजूद मोबाइल रिचार्ज और अन्य खर्च के लिए अलग से कोई राशि नहीं मिलती है.

लंबित भुगतान को लेकर सरकार पर अनदेखी का आरोप

संघर्ष समिति के संरक्षक नलिन शर्मा ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यरत सेविका-सहायिकाओं की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है. समय पर पोषाहार और मानदेय नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं को मानसिक एवं आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.

बैठक को संघर्ष समिति के संरक्षक नलिन शर्मा, वेंकटेश द्विवेदी, कमलेश कुमार, संजीव कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया.

मांगें पूरी नहीं हुईं तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

बैठक में सभी ने सेविका-सहायिकाओं की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से लंबित भुगतान अविलंब करने, मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि तथा मोबाइल रिचार्ज एवं अन्य कार्यों के लिए अलग भत्ता देने की मांग की.

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि जल्द ही दो माह का लंबित पोषाहार, छह माह का बकाया मानदेय तथा अन्य लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो संघर्ष समिति चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी. बैठक में बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाएं उपस्थित रहीं.


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By Anjani kumar

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