पंपिंग सेट के सहारे डाले जा रहे धान के बिचड़े

जहानाबाद : रोहण नक्षत्र खरीफ फसल की शुरुआत के लिए किसानों के लिए नभ नक्षत्र माना जाता है. किसान रोहण में खेत को जोत कर धान का बीचड़ा डालने का काम करते हैं. लेकिन मौसम के तल्ख तेवर से इस वर्ष किसानों को खेत में धान का बीचड़ा डालने में पसीने छूट रहे हैं. मौसम […]

जहानाबाद : रोहण नक्षत्र खरीफ फसल की शुरुआत के लिए किसानों के लिए नभ नक्षत्र माना जाता है. किसान रोहण में खेत को जोत कर धान का बीचड़ा डालने का काम करते हैं. लेकिन मौसम के तल्ख तेवर से इस वर्ष किसानों को खेत में धान का बीचड़ा डालने में पसीने छूट रहे हैं. मौसम की बेरुखी से किसान काफी परेशान दिख रहे हैं.

बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गयी है. रोहण नक्षत्र के आधे से ज्यादा समय बीत चुके हैं इसके बावजूद अब तक इक्के-दूक्के किसान ही अपने खेतों में धान का बिचड़ा डाल पाये हैं. किसान पंपिंग सेट के सहारे हाड़तोड़ मेहनत कर विपरित मौसम में भी धान का बिचड़ा डाल रहे हैं.

जिन किसानों के पास बोरिंग, पंपिंग सेट का साधन उपलब्ध है वैसे किसान किसी तरह हिम्मत जुटा खेत में पानी डाल मोरी तैयार करने की जुगत में लगे हैं. लेकिन जिनके पास सिंचाई साधन का अभाव है वे बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं. मौसम के आगमन के पूर्व कृषि कार्य करने में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. किसान बताते हैं कि अधिक गरमी और चिलचिलाती धूप की वजह से खेत का पटवन करने में ज्यादा समय बीत रहा है.

वहीं खेत की जुताई करने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. कई किसानों को तीखी धूप एवं विपरित मौसम रहने के कारण बोये गये बीज का अंकुरण बेहतर ढंग से नहीं होने की चिंता सता रही है. फिलहाल कई किसान खेती को जुआ मान हिम्मत जूटा बीज डालने को लेकर खेत तैयार करते दिख रहे हैं.

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