अग्निशामक गाड़ी फतुहा में देने की मांग
फतुहा : इन दिनों अगलगी की घटनाएं बढ़ गयी हैं, जिससे सबसे ज्यादा पीड़ित किसान हो रहे हैं. उनकी तैयार फसल अगलगी में नष्ट हो रही है, लेकिन प्रखंड मुख्यालय में आग बुझाने की मुक्कमल व्यवस्था नहीं होने से प्रशासन भी आग पर काबू पाने में लाचार है. अगलगी की घटना होने पर उसे बुझाने के लिए स्थानीय प्रशासन के पास कोई व्यवस्था नहीं है.
ऐसे में अगलगी की घटना से अक्सर संपत्ति जल कर राख हो जाती है, जबकि ग्रामीण अपने संसाधन से आग बुझाने के लिए एड़ी-चोटी एक कर देते हैं. वहीं, प्रखंड प्रशासन के पास सुविधा के अभाव में अगलगी की सूचना प्रखंड मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर अनुमंडल पटना सिटी को दी जाती है, उसके बाद ही अग्निशामक वाहन घंटों बाद पहुंचता है. तब तक सब कुछ राख हो जाता है.
हाल के दिनों में देखा गया है कि शॉर्ट सर्किट से किसानों के खेत- खलिहान में भीषण आग लगी, जिसमें किसानों की मेहनत की कमाई खाक हो गयी. पूरे मामले में पूछे जाने पर बीडीओ राकेश कुमार, सीओ संजीव कुमार और थानाध्यक्ष सुजीत कुमार ने बताया कि एक छोटा दमकल है, लेकिन उसकी क्षमता अधिक नहीं है, जिसके चलते परेशानी होती है. जिला पार्षद सुधीर यादव और मोमिनदपुर पंचायत के मुखिया महेश कुमार ने अग्निशामक दल प्रखंड में देने की मांग करते हुए किसानों को फौरी तौर पर मिलने वाली मुआवजे की राशि को नाकाफी बताते हुए कहा कि अगलगी में हुई क्षति का आंकलन कर सरकार किसानों को पैदावार की पूरी राशि मुआवजा के तौर पर दे .
