जहानाबाद नगर. भू-अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत 31 डाटा इंट्री ऑपरेटरों की सेवा निदेशक भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा समाप्त कर दिये जाने से जिले में कार्यरत अन्य ऑपरेटरों में आक्रोश व्याप्त है.
बिहार राज्य डाटा इंट्री ऑपरेटर संघ की जिला इकाई ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि निदेशक को शायद ज्ञात नहीं है कि जिस कारणवश ऑपरेटरों की सेवा समाप्त की गयी है, उसकी जवाबदेही अंचलाधिकारी के साथ-साथ हलका कर्मचारी की भी है. अंचलाधिकारी के बार-बार निर्देश के बाद भी हलका कर्मचारी द्वारा प्रतिवेदन को अपलोड करने के लिए कागजात उपलब्ध नहीं कराये गये, जिसके कारण प्रतिवेदन अपलोड नहीं हो सका. निदेशक द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है कि काम नहीं तो वेतन नहीं के सिद्धांत के अनुसार डाटा इंट्री ऑपरेटरों का माह दिसंबर ,2016 के पश्चात मासिक वेतन का भुगतान नहीं किया जायेगा.
साथ ही बेल्ट्राॅन को भी यह निर्देश दिया गया है कि इनके स्थान नये ऑपरेटर की प्रतिनियुक्ति की जाये. संघ के नेताओं का कहना है कि जिले के सातों प्रखंडों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि मॉडल प्रखंड के रूप में नामित हुलासगंज प्रखंड में भू-अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण के लिए न कंप्यूटर उपलब्ध है और न ही नेट की सुविधा. ऐसे में प्रतिवेदन को अपलोड कैसे किया जायेगा.
