जहानाबाद : पटना-गया को जोड़ने वाले एनएच 83 पर शहर में बने दरधा पुल की हालत जर्जर हो गयी है. अंगरेजों के जमाने में बने एनएच 83 पर शहर में बने दरधा पुल जर्जर है. पुल के पाये (खंभे) अब जवाब देने लगे हैं. गाड़ियों की आवाजाही का वजन सहते-सहते पुल अब जवाब देने लगा है.
विगत कुछ दिनों पूर्व जब क्षतिग्रस्त पाये (खंभे) पर प्रशासन की नजर पड़ी थी, तो इसकी मरम्मत की उम्मीद भी जगी. एहतियातन कुछ दिनों तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक भी लगायी गयी थी. उस वक्त हुक्मरानों द्वारा बैरियर लगाया गया. गाड़ियों को कुछ दिनों तक रोका भी गया. उन्हें वैकल्पिक मार्ग बता कर गंतव्य तक भेजा गया. मगर चंद दिनों के अंदर ही प्रशासन का बैरियर हटा और पुन: भारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गयी.
क्षतिग्रस्त पुल के खंभे को देखकर एनएच विभाग ने भी प्रशासन को एलर्ट किया था कि इस पुल से भारी वाहनों की आवाजाही खतरनाक है. हादसे की आशंका से घबराये प्रशासन ने एहतियात तो बरती, मगर चंद दिनों के लिए बाद में यह कहा गया कि अभी नदी में पानी है. पानी कम होने के बाद मरम्मत का काम शुरू होगा. मगर ऐसा होता नहीं दिख रहा है. प्रशासन के लिए ये कोई नयी बात नहीं. लोग इस आशंका से सशंकित है कि कहीं पुल क्षतिग्रस्त हुआ, तो पटना और गया का रास्ता दुर्लभ हो जायेगा. क्योंकि प्रशासन के पास कोई वैकल्पिक मार्ग भी मौजूद नहीं है.
