मुसीबत- शहर के चप्पे -चप्पे में है अतिक्रमणकारियों का कब्जा
शिवाजी पथ में पैदल चलना भी मुश्किल
जहानाबाद : अतिक्रमण की समस्या आज कोई नई नहीं है बल्कि लंबे समय से शहर की सभी प्रमुख सड़कों के अलावा चप्पे-चप्पे में अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमा लिया है. अब स्थिति ऐसी हो गयी है कि अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाये जाने के बाद उसपर नियंत्रण होने के बजाए अतिक्रमण का दायरा और बढ़ गया है. जिसका खामियाजा परेशानी के रूप में भुगत रहे हैं आम लोग. शहर के स्टेशन रोड, मलहचक मोड, सट्टी मोड, शिवाजी पथ, अरवल मोड़, राजाबाजार, अस्पताल मोड़, बतीसभवरीया, मटकोरी कुंआ, पीली कोठी सब्जीमंडी रोड इन सभी स्थानों पर अतिक्रमण के कारण लोग परेशानी झेल रहे हैं.
कार्रवाई का नहीं है डर :अतिक्रमणकारियों को किसी का डर नहीं है या यूं कहा जाये कि नगर परिषद इस मामले में लापरवाही बरत रहा है. शहर के उक्त सभी स्थान ऐसे हैं जहां सुबह से रात नौ बजे तक सड़क पर अवैध कब्जा कर दुकानें लगा दी जाती हैं. सबसे खराब स्थिति स्टेशन रोड ,अरवल मोड़ , राजाबाजार और मलहचक मोड़ के अलावा मटकोरी कुंआ के पास रहती है. इन सभी स्थानों पर हजारों की संख्या में फुटपाथी दुकानदारों के द्वारा अवैध रूप से ठेले लगा दिये जाने से सड़क अत्यंत संर्कीण हो जाती है.
एक चारपहिया वाहन के प्रवेश करते ही सड़क पर जाम लग जाता है. जिसे समाप्त होने में लोगों को घंटो प्रतीक्षा करनी होती है. ऐसा नहीं है कि प्रशासन के द्वारा पूर्व में अभियान चलाकर दुकानें नहीं हटवायी गयी थी बल्कि अभियान के तहत एसडीओ ने एनएच 83 और 110 पर से वृह्त पैमाने पर अतिक्रमण को हटाया था. लेकिन दो-तीन दिनों के बाद फिर से फुटपाथी दुकानदारों ने अपना कब्जा जमा लिया.
जिस पर कार्रवाई करने की जरूरत नगर परिषद ने नहीं समझी .परिणाम यह निकला कि अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ता गया और अब स्थिति ऐसी हो गयी है कि एनएच पर खुलेआम दुकानें लगायी जा रही है. जिससे सदैव दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है. कई बार दुर्घटना हो भी चुकी है.पूर्व में स्टेशन रोड में दो लोगों की जाने जा चुकी है. गुस्से में ट्रक जलाने की घटना हो चुकी है.
फुटपाथ पर अवैध कब्जा :स्टेशन से लेकर कोर्ट एरिया बत्तीसभवरीया तक एनएच के दोनों किनारे नाले की ढलाई कर बनाया गया फुटपाथ भी अतिक्रमण की चपेट में है. स्टेशन रोड में फुटपाथ पर मांसाहारी सामान की खुलेआम बिक्री की जाती है. इतना ही नहीं छोटे-छोटे होटल भी बना दिये गये हैं जहां एक तरफ से मांस-मुर्गे, मछली की खरीदारी होती है और वहीं पर उसे बनाकर बिक्री की जाती है. इस कारण एनएच से गुजरने वाले लोग उसके प्रदूषण से ग्रसित होते हैं और नांक-भांव सिकोड़ते हुए प्रशासन की आलोचना करते गुजरते हैं. अन्य स्थानों के
फुटपाथों पर स्थायी तौर पर गुमटियां रख दी हैं. ऐसी हालत में स्कूली बच्चे और महिलाएं फुटपाथ का लाभ न लेते हुए सड़क पर जोखिम के बीच चलने को विवश हैं. इस मामले में प्रशासन की शिथिलता की लोग खुलेआम आलोचना कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि जब अतिक्रमण हटाया गया था तो उस पर निगरानी क्यों नहीं रखी गयी. साथ ही लोगों का यह भी कहना है
कि गरीब दुकानदारों को स्थायी तौर पर रोजगार करने के लिए प्रशासन के द्वारा व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है. यदि इस तरह की व्यवस्था कर दी जाये तो शहर में अतिक्रमण की समस्या का निदान होगा. सड़क जाम की भी समस्या नहीं उभरेगी. गरीब अपना पेट पालने के लिए रोजगार कर सकेंगे.
शीघ्र चलेगा अभियान
फिर से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ शीघ्र अभियान चलाया जायेगा. पूर्व में अतिक्रमण हटाओं अभियान जोर शोर से चलाया गया था. लेकिन दोबारा सड़क पर अवैध कब्जा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी . वेंडर जोन बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है.
संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी नप
