सदर अस्पताल में नहीं है गहन चिकित्सा की सुविधा
जहानाबाद नगर : जिले के सबसे बड़े सदर अस्पताल में कई वर्ष पूर्व आइसीयू का निर्माण कराया गया था. लाखों की लागत से बने आइसीयू को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया. यहां तक की वेंडिलेटर, डीसी शॉक, मॉनीटर जैसे उपकरणों को लगाया गया. तब जिलावासियों को यह आस जगी थी कि अब उन्हें गहन चिकित्सा के लिए जिले से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. यहां तक कि किसी तरह की दुर्घटना होने पर भी मरीजों को आइसीयू की सुविधा मिल जायेगी. लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी आइसीयू का ताला नहीं खुला. अब भी आइसीयू में ताला लगा हुआ है, जो मरीजों को मुंह चिढ़ा रहा है.
रेफर किये जा रहे मरीज : एक ओर सरकार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने को लेकर रोज नयी-नयी सुविधाएं देने की घोषणा करती है. लेकिन सदर अस्पताल में उपलब्ध सुविधा का लाभ भी मरीजों को नहीं मिल रहा है. ऐसे में सड़क दुर्घटना में घायल या गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को सीधे पटना रेफर कर दिया जा रहा है.
जिससे गरीब मरीजों की परेशानी बढ़ी हुई है. सक्षम मरीज तो निजी क्लिनिक में भी अपना इलाज करा ले रहे हैं, लेकिन गरीब व लाचार मरीज बेहतर इलाज के नाम पर भटकते देखे जा रहे हैं. जिले में जब आइसीयू का निर्माण हुआ था, उसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल में पदस्थापित कई चिकित्सकों को पटना तथा कोलकाता भेज कर उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया गया था.
प्रशिक्षण प्राप्त कर कई चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ लौटे, लेकिन उनका आइसीयू में डिप्टेशन नहीं किया गया. पहले तो चिकित्सकों की कमी का रोना रोते हुए अस्पताल प्रशासन ने आइसीयू को चालू नहीं कराया, लेकिन अब जब कि चिकित्सकों की कोई कमी नहीं रही, तब भी आइसीयू में ताला लटका है.
