कारगिल चौक के समीप सभा कर श्रम कानूनों में कटौती करने पर जतायी नाराजगी
जहानाबाद : केंद्र एवं राज्य सरकार की कथित श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में ट्रेड यूनियनों के द्वारा जिले में शुक्रवार को आम हड़ताल असरदार रही. विभिन्न संगठनों से जुड़े श्रमिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने झंडे बैनर के साथ पूरे शहर में जुलूस निकाल, प्रदर्शन किया और कारगील चौक के समीप एक सभा का आयोजन किया. विभिन्न प्रखंडों में भी हड़ताल के दौरान जुलूस निकाले गये सभा की गयी. प्रदर्शनकारियों ने हड़ताल के दौरान जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन कुछ देर के लिए बाधित किया.
आंदोलनकारी बड़ी संख्या में रेलवे पटरी पर उतर गये थे. हड़ताल के दौरान अरवल मोड़ पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया. जिससे एनएच 83 एवं एनएच 110 पर वाहनों का परिचालन कुछ देर के लिए ठप रहा. वाहनों की लंबी कतार लग गयी. इस आंदोलन में भाकपा माले, खेत मजदूर सभा, रसोईयां संघ, किसान महासभा, एक्टू सहित अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी, बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ, भारतीय जीवन बीमा निगम एम्पलाइज एसोसिएशन से जुड़े बड़ी संख्या में लोग शामिल थे. जुलूस एवं प्रदर्शन में शामिल लोग श्रम विरोधी नितियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. संगठनों के नेताओं का कहना था कि केंद्र एवं राज्य सरकार श्रम कानूनों में कटौती कर मजदूरों को उनके अधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रही है. जो निदंनीय है. साथ ही चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा गया कि यदि आगे आने वाली दिनों में श्रमिकों एवं मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया तो उग्र आंदोलन किया जायेगा.
हड़ताल के दौरान जुलूस एवं प्रदर्शन में माले के जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा के अलावा रामाधार सिंह, रामवली यादव, प्रदीप कुमार, रसोइया कर्मचारी संघ की पूनम कुमारी, ऐपवा नेत्री रेणू देवी, कर्मचारी महासंघ गोपगुट के जिला सचिव वासुदेव सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के सत्येन्द्र कुमार, आशा कार्यकर्ता संघ की सुनिता कुमारी भारती, निर्माण मजदूर यूनियन के जिला संयोजक शिवशंकर प्रसाद, भाकपा के जिला सचिव अम्बिका प्रसाद, गिरजानंदन सिंह, चन्द्रमणी प्रसाद, जगदीश पासवान, रफीक आलम, जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला मंत्री रणविजय सिंह, डाक कर्मचारी संघ सतीश कुमार, दिलीप कुमार, रमेश कुमार, जीवन बीमा निगम एसोसिएशन के धर्मदेव पासवान, नितीश चन्द्र प्रकाश एवं उमेश सिंह, सहित संगठनों के कई नेता एवं सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे.
सभा में श्रमिक नेताओं ने सरकार को कोसा, उठायी कई मांग :कारगिल चौक के समीप आयोजित सभा में माले, खेमस, रसोईया संघ एवं किसान महासभा के नेताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने शुरू में ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 100 प्रतिशत करने, रक्षा, रेल, बैंक बीमा और पेंशन में भी 100 प्रतिशत एफडीआई की घोषणा कर विदेशी ताकतों के साथ गुप्त रूप से समझौता कर आम-आवाम की जीविका और जीवन को संकट में डालने का काम किया है.
यह भी आरोप लगाया कि सरकार खाने-पीने व पहनावे के अलावा वैचारिक विमर्श पर अंकुश लगाने के लिए फांसीवाद हथकंडे अपना रही है. वहीं अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने प्रदर्शन के बाद कहा कि सरकार मजदूरों का अधिकार छीनना बंद करें. केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताते हुये हड़ताल में शामिल निर्माण मजदूर यूनियन ने रेलवे स्टेशन परिसर से रैली निकाली और सभा में मांग किया कि मजदूरों की दुर्घटना में मृत्यु के बाद उसके आश्रित परिवार को पांच लाख रुपये दिया जाना चाहिए. सधारण मृत्यु में भी दो लाख रुपये दिये जाने की संघ ने मांग की है. उधर भाकपा के नेताओं ने हड़ताल में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और कहा कि यदि मजदूरों को उनके अधिकार से वंचित करने की कोशिश की गयी तो उग्र आंदोलन किया जायेगा. डाक कर्मचारियों ने संघ के बैनर तले प्रधानडाक घर के समक्ष आम सभा किया और 11 सूत्री मांगों को पूरा करने की आवाज उठायी. उधर इंश्योरेंस एम्प्लाईज एसोसिएशन एवं लाइफ इंशोयोरेंस वर्कस यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में जहनाबाद इकाई द्वारा धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया. जिसमें एफडीआई तथा बीमा उद्योग के विनिवेशी करण का विरोध किया गया.
हड़ताल के दौरान विभिन्न संगठनों के द्वारा शहर के अति व्यवस्त अरवल मोड़ के समीप सड़क जाम कर आंदोलनकारी प्रदर्शन कर रहे थे उसी दौरान पटना से गया गुजरने के क्रम में मगध प्रमंडल के आयुक्त जाम में फंस गये. प्रदर्शनकारी उनके वाहन को देखकर नारे लगाने लगे. तकरीबन 20 मिनट तक आयुक्त की गाड़ी जाम में फंसी रही प्रदर्शनकारी उनकी एक नहीं सुन रहे थे. बाद में समझाने बुझाने के बाद कमिश्नर की गाड़ी गया की ओर प्रस्थान की.
किये गये थे सुरक्षा के कड़े प्रबंध:
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान कहीं कोई अप्रिय स्थिति न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सजग रहा. शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर सशस्त्र बलों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. नगर थाने के पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों के जुलूस के साथ-साथ चल रहे थे. सुबह से ही विभिन्न संगठनों के लोग अपने-अपने झंडे बैनर के साथ सड़क पर उतर गये थे. पूर्वांहन में स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन ठप करने के बाद शहर में जुलूस प्रदर्शन का दौर चलता रहा. जिसमें कई महिलाएं भी शामिल थीं.
जहानाबाद. देश व्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से ट्रेड युनियन, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) सहित कई संगठनों ने शहर मे मशाल जुलूस निकाला. मशाल जुलुस शहर के उंटा मोड़ से निकलकर अरवल मोड़ पहुंच सभा में तब्दिल हो गया. आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि देश में अक्रामक तरीके से रम विरोधी, राष्ट्र विरोधी, आर्थिक, औद्योगिक नीतियां लागू की जा रही है. जन विरोधी नीति के चलते श्रमिक मेहनतकश एवं सीमित आय वाले नौकरी पेशा कर्मियों, किसानों के साथ-साथ आम लोगों का जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है.मोदी सरकार अच्छे दिन की घोषणा, महंगाई पर लगाम, विदेश से काला धन लौटाने, गरीबों के हक व सम्मान सहित कई वादे छलावा साबित हो रहे हैं. वही सुशासन, न्याय और विकास की ढोल पिटने वाले नीतीश सरकार की असलियत सामने आ गयी है. मशाल जुलूस में खेमस पार्टी के नेता सहित महासंघ के गोप गुट सचिव वासुदेव सिंह, रामउदय कुमार, ऐक्टू नेता शिवशंकर प्रसाद, संतोष केसरी सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.
डाक कर्मचारियों ने दिया धरना
हुलासगंज. प्रखंड मुख्यालय स्थित डाकघर के समीप डाक कर्मचारियों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया. धरने के बाद सभा में तब्दील हो गयी. सभा को संबोधित करते हुये वक्ताओं ने कहा कि मंत्री के आश्वासन के बाद भी अभी तक न्यूनतम वेतनमान में बढ़ोतरी नहीं की गयी. यह सरकार की वादा खिलाफी है. जब तक हमलोगों के मांग पूरी नहीं हो जाती है तब तक हम लोग संघर्ष करते रहेंगे. धरने को अनिल कुमार, दिलीप कुमार, सर्वेश कुमार, रविशंकर शर्मा, पहलाद समेत कई लोगों ने संबोधित किया.
रैली निकाल दिया धरना
मखदुमपुर. ट्रेड यूनियन के आहूत हड़ताल का प्रखंड क्षेत्र में मिला जुला असर देखने को मिला. प्रखंड क्षेत्र में हड़ताल की वजह से सभी बैंकों में ताला लटका रहा.
हड़ताल का दिखा असर
रतनी. ट्रेड यूनियनों के हड़ताल का प्रखंड क्षेत्र में मिला जुला असर दिखा. शकुराबाद में आम दिनों की अपेक्षा भीड़ कम दिखी वहीं नेहालपुर, गुलाबगंज, घेजन में स्थिति सामान्य रही. हालांकि सभी बैंकों में हडताल की वजह से ताला लटका रहा. सड़कों पर बडे वाहनों का परिचालन नहीं हुआ. जबकि छोटे वाहन चलती रही.
