मनमानी : सड़क िकनारे अनधिकृत रूप से बेचे जाते हैं मांस-मछली, फैलायी जाती है गंदगी
लगभग सभी फुटपाथ और नाले पर अवैध कब्जा बरकरार है. उसपर मनमाने तरीके से फुटपाथी दुकानदार अपना कारोबार फैलाये हुए हैं. खासकर मांसाहार मछली, मुर्गे और मटन खुले में बेचे जाने से गंदगी फैल रही है.
जहानाबाद : शहर के अति व्यस्त स्टेशन रोड, मलहचक मोड़, फिदाहुसैन मोड़, अरवल मोड़, राजाबाजार, अस्पताल मोड़, बत्तीस भंभरिया मोड़ के समीप ऐसी स्थिति विगत कई वर्षों से बनी हुई है. फुटपाथी दुकानदार बिना किसी डर भय के अनाधिकृत रूप से कारोबार कर रहे हैं. स्टेशन रोड में एनएच 83 पर अतिक्रमण तो लंबे समय से किया गया है. सड़कें संकीर्ण हो गयी हैं. सड़क पर दुकान सजा दिये जाने से आवागमन की समस्या उभरी हुई है. छोटे-छोटे वाहन अक्सर टकरा रहे हैं. बड़े यात्री और व्यावसायिक वाहनों के गुजरने से दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है.
अब तो एनएच के दोनों किनारे के बनाये गये नाले व फुटपाथ पर भी कब्जा बढ़ा दिया गया है. दो चार लोगों के द्वारा शुरू किया गया अवैध कब्जा आज इतना बढ़ गया है कि नाले व फुटपाथ का वजूद ही खत्म हो गया है. नाले की ढलाई कर उसका इस्तेमाल फुटपाथ के रूप में किये जाने के उद्देश्य से निर्माण कार्य कराया गया था. जिसपर आज सैकड़ों दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है.
म्यूनसिपल एक्ट का हो रहा उल्लंघन : स्टेशन रोड तक ही यह मामला सीमित नहीं है बल्कि शहर का अति व्यस्त और घनी आबादी वाला इलाका मलहचक मोड़ पर ऐसे नजारे रोज देखे जा सकते हैं. इसके अलावा बतीसभंभरिया मोड़ और फिदा हुसैन रोड के आसपास खुले में मांसाहर बेचे जा रहे हैं. म्युनिसपल एक्ट का खुलेआम उल्लंघन कर मटन, मुर्गे एवं मछलियाँ काटे व बेचे जा रहे है जो कतई उचित नहीं है. इन मांसाहारों को बेचने के दौरान जो गंदगी निकलती है उसे या तो एनएच पर फेंक दिया जाता है या फिर नाले में डाल दी जाती है. जिससे इलाके का माहौल पूरी तरह प्रदूषित हो जाता है. वहाँ से गुजरने वाले लोग अपने नाक पर कपड़े रखकर गुजरना मुनासिब समझते हैं, ताकि सड़ांध से वह बच सकें. मांसाहार का कारोबार करने वालों को चाहिए कि नॉनवेज का सामान पूरी तरह ढक कर बिक्री करें, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. कमोवेश यही स्थिति बतीसभंभरिया मोड़ के समीप की है. इस तरह का कारोबार करने वाले लोग बिना परमिशन के खुलेआम सड़क किनारे धंधा फैलाये हुए हैं.
घनी आबादी में सड़ांध से फैल सकती है बीमारी, अधिकारियों के अभियान का तनिक भी नहीं पड़ रहा असर
बेअसर साबित हो रहा प्रशासन का अभियान
अवैध ढंग से सड़क, नाला और फुटपाथ पर कारोबार करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन के आदेश पर एसडीओ और नगर परिषद के द्वारा अभियान चलाया गया. बीच में दो चार दिनों तक अवैध कब्जा हटाने के बाद सड़क चौड़ी दिखने लगी थी. सफाई का भी माहौल था, लेकिन फिर से अतिक्रमण कर उक्त कारोबार को पहले से ज्यादा फैला दिया गया. ऐसा लगता है मानो कारोबारियों में प्रशासन का तनिक भी भय नहीं है. अब तो स्टेशन रोड और मलहचक मोड़ पर सुबह से लेकर शाम तक मांसाहार कारोबारियों का बड़ा मजमा लगा रहता है. नाले पर मटन टाँगकर बेचे जाते हैं. बगल में सब्जी बाजार है. ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में लोग ऐतराज व्यक्त कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि प्रशासन मांसाहारी सामानों की बिक्री के लिए अलग से स्थल का निर्धारण करे.
शीघ्र हटाया जायेगा नाजायज कब्जा
प्रशासन के स्तर से सड़क व फुटपाथ पर किये गये अवैध कब्जे को हटाया गया था. उक्त सभी स्थानों पर नाजायज ढंग से पुन: कब्जा किया गया है. वरीय अधिकारी से विमर्श कर शीघ्र ही फिर से अभियान चलाया जायेगा. नाले व फुटपाथ को मुक्त किया जायेगा. फुटपाथी दुकानदारों के लिए वेंडर जोन का भी निर्धारण किया गया है जिसे शीघ्र मूर्त रूप दिया जायेगा – संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद
