गुमटी में सजा पान मसाला व गुटखा.
नाबालिगों में सेवन करने की बढ़ रही लत
प्रशासनिक सुस्ती से अवैध कारोबार जारी
जहानाबाद : जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाके में नकली पान मसाले और गुटखे की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है. जिसका सेवन करने से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है. खासकर युवकों एवं कम उम्र के लड़कों में इसकी लत लगातार बढते जा रही है. वैसे तो गुटखा खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ही लेकिन उपर से नकली गुटखे और पान मसाले का कारोबार फैला दिये जाने से लोगों का स्वास्थ्य बदतर हालत में होता जा रहा है.
शहर का चप्पा-चप्पा में नकली सामान की बिक्री की जा रही है. जिसपर नियंत्रण करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों का मनोबल दिनों-दिन उंचा होता जा रहा है. जब गुटखे की बिक्री पर बीच में कुछ दिनों के लिए प्रतिबंध लगी थी उस वक्त भी इसकी बिक्री अवैध ढंग से की जा रही थी और अब जब प्रतिबंध हटा है तो खुलेआम असली के नाम पर नकली गुटखे और नकली पान मसाले बेचे जा रहे हैं.
शहर के अरवल मोड़, राजाबाजार, स्टेशन रोड, मलहचक मोड़, काको मोड़, उंटा मोड़, फिदाहुसैन रोड़, अस्पताल मोड़, कोर्ट एरिया, थाना रोड़ सहित लगभग सभी प्रमुख स्थानों पर दुकानों व गुमटियों में गुटके की बिक्री होती है. इन दुकानों में असली गुटके की आड़ में लोकल निर्मित नकली गुटके और पान-मसाले, जर्दे, बेचे जा रहे हैं.
असली-नकली का फर्क करना होता है मुश्किल :सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ कारोबारी ऐसे हैं जो अपने गुप्त गोदामों में स्थानीय स्तर पर गुटखे और जर्दे तैयार कर पान-मसाला के नाम पर धड़ल्ले से बेच रहे हैं. खबर के अनुसार इस काले धंधे में कुछ वैसे सफेद पोश शामिल हैं जिनके पास छोटे-छोटे बच्चों का समूह हैं.
यह भी बताया गया है कि ऐसे लोगों के द्वारा स्थानीय तौर पर निर्मित नकली पान मसाले ब्रांडेड कंपनियों के रैपर में भरकर उसे सील करते हैं. सील करने की मशीन भी रखते हैं और सीलबंद गुटखे एक नंबर के भाव में दुकानों में आपूर्ति की जाती है. इससे सरकार की टैक्स की भी चोरी हो रही है. जरूरत महसूस की जा रही है ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर उसे पकड़ने की.
