जहानाबाद : मानसिक संतुलन खराब वाले अपने भाई के नाम पर एक भाई पहले फर्जी तौर पर शिक्षक बना, वेतन उठाया, और वास्तविक शिक्षक अपने भाई की मृत्यु के बाद भी पेंशन उठाता रहा. इस गंभीर मामले का रहस्योद्घाटन किया उसके परिवार के लोगों ने ही. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस हरकत में आयी और जालसाज शिक्षक को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया. कड़ौना ओपी की पुलिस ने बुधवार को बोधगया स्थित एक बैंक के समीप से फर्जी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
पकड़ा गया जालसाज देवेन्द्र मिस्त्री कड़ौना ओपी क्षेत्र के रामदेवचक गांव का निवासी है जो अपने सगे भाई शिक्षक मटुकधारी मिस्त्री के नाम पर फर्जीवाड़ा कर खुद मास्टर बनकर वेतन और पेंशन मद के लाखों रुपये डकार गये. खबर के अनुसार रामदेव चक निवासी मटुकधारी मिस्त्री शिक्षक थे लेकिन उनकी मानसिक स्थिति कुछ वर्ष पूर्व खराब हो गयी थी. इसका फायदा उठाया उसका भाई देवेंन्द्र मिस्त्री ने.
देवेन्द्र खुद मटुकधारी बनकर स्कूल में पढाने लगा. कई जगहों पर उसका तबादला भी हुआ. वेतन मद के रुपये उठाता रहा. वर्ष 1998 में मटुकधारी मिस्त्री सेवानिवृत हो गया था. लेकिन फर्जीवाड़ा कर मटुकधारी के नाम पर शिक्षक बना देवेन्द्र पेंशन उठाता रहा. और तो और वर्ष 2001 में मटुकधारी की मृत्यु भी हो गयी. इसके बावजूद भी सरकार और प्रशासन को फर्जी शिक्षक देवेन्द्र ने अंधकार में रखा और पेंशन मद के रुपये उठाता रहा.
इसी बीच उसके तीसरे भाई नंदकिशोर मिस्त्री का पोता पुरे कागजी प्रमाण के साथ मामला दर्ज कराया था. कड़ौना ओपी में कांड संख्या 120/16दर्ज कराया था. मृत शिक्षक मटुकधारी मिस्त्री का मृत्युप्रमाण-पत्र के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण कागजात साक्ष्य के रूप में उसने पेश किया था. जांचोउपरांत मामला सही पाया गया.
दर्ज मामले में नामजद अभियुक्त देवेन्द्र मिस्त्री की पुलिस खोजबीन कर रही थी. बुधवार को कड़ौना ओपी के प्रभारी चंदन कुमार को गुप्त सूचना मिली की जालसाज देवेन्द्र बोधगया स्थित एक बैंक में केवाईसी फॉर्म जमा करने गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर जहानाबाद लाया. पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत में उसे जेल भेजा गया है.
