सफलता . मंटू मर्डर केस में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
कोर्ट में सरेंडर करने आया था हत्याकांड का मास्टर माइंड
एसपी ने की गिरफ्तारी की पुष्टि
हो रही पूछताछ, खुलेंगे और राज
जहानाबाद : शहर का चर्चित मंटू हत्याकांड का मास्टरमाइंड संगल गोस्वामी बुधवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया. उसकी गिरफ्तारी स्थानीय व्यवहार न्यायालय के समीप हुई. वह मुख्य रूप से कड़ौना ओपी के मुठेर गांव का निवासी है और शहर में मटकोरी कुआं के समीप एक मकान में रहता था. मंटू की नृशंस तरीके से की गयी हत्या के आरोप में उसकी गिरफ्तारी हुई है. एक माह से अधिक समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी.
हत्या के सिलसिले में कुछ ही दिनों पूर्व उसके गिरोह के एक चालक सहित तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था. हत्याकांड में संलिप्त दो युवक अभी फरार हैं. सरगना संगल की गिरफ्तारी से मंटू हत्याकांड के सिलसिले में और भी कई राज खुलने की संभावना है. इस बात का भी खुलासा होने की संभावना है कि मंटू की हत्या में कोचिंग संचालक मिथिलेश कुमार उर्फ एम कुमार की भूमिका है या नहीं. पूर्व में मृतक के भाई विधि कुमार ने पुलिस को बताया था कि बकाया पैसे देने के लिए एम कुमार ने मंटू को अपने पास बुलाया था.
और उसके बाद दोनों मटकोरी कुआं के समीप आकर संगल गोस्वामी से मुलाकात की थी. इसके बाद मंटू की लाश मिली थी. गिरफ्तार संगल की निशानदेही पर मृतक मंटू की छिपायी गयी बाइक को बरामद करने एवं हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
आत्मसमर्पण की अर्जी हुई खारिज : हत्याकांड का आरोपित सरगना संगल बुधवार को अपने वकील के माध्यम से व्यवहार न्यायालय स्थित सीजेएम के न्यायालय में आत्मसमर्पण करने आया था. उसके वकील ने कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की थी. लेकिन हत्याकांड के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य नहीं रहने के कारण उसका सरेंडर पीटीसन रिजेक्ट हो गया था. इधर उसे पकड़ने के लिए पुलिस चौकस थी .पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड का आरोपित मास्टरमाइंड संगल गोस्वामी जहानाबाद में है. कोर्ट में अर्जी रिजेक्ट होने के बाद जब वह बाहर निकला उसी वक्त नगर थाने की पुलिस ने उसे धर दबोचा. एसपी आदित्य कुमार ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि उससे पूछताछ की जा रही है.
22 जून को हुई थी मंटू की हत्या : युवक मंटू के खाते में जमा आठ लाख रुपये निकाल कर हड़प लिये जाने कि नियत से पांच युवकों ने उसका अपहरण कर हत्या करने की योजना बनायी थी. इसके तहत 22 जून को मंटू को संगल ने मटकोरी कुआं से कुतबनचक मुहल्ले में राजा गोस्वामी के घर में ले जाकर उसकी हत्या कर दी थी और साक्ष्य को छिपाने के लिए लाश को धनरूआ थाना क्षेत्र के मोरियांवा गांव के बधार में ले जाकर जला दिया था. 24 जून को मंटू के शव की पहचान हुई थी. उसी वक्त से हत्याकांड में शामिल सरगना संगल सहित पांच युवक फरार था.
व्यवहार न्यायालय के समीप मुस्तैद पुलिस ने की गिरफ्तारी
राजा गोस्वामी के बयान में आया था संगल का नाम
हत्याकांड की तफ्तीश के दौरान मामले की जांच कर रही एसआइटी ने राजा गोस्वामी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार राजा ने अपने बयान में कहा था कि संगल गोस्वामी ही मंटू के पैसे हड़पने के लिए योजना बनायी थी. साजिश के तहत उसे कुतबनचक स्थित उसके घर में ले जाया गया था और वहीं विवाद होने के दौरान इथर और नशीली सुई का ओवर डोज देने के कारण उसकी मौत हो गयी थी.
