वीरानगी : बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए हुई थी उद्योगों की स्थापना
जहानाबाद,नगर : जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से औद्योगिक प्रागंण की स्थापना की गयी थी. नक्सल गतिविधियों से अाक्रांत होने के कारण जिले के युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 110 पर निजामुद्दीनपुर गांव के समीप औद्योगिक प्रागंण की स्थापना की गयी थी.
आज से करीब चार दशक पूर्व छ: एकड़ भू-खंड में औद्योगिक इकाई की स्थापना होने से जिलेवासियों को लगने लगा था कि बेरोजगार युवाओं को अब रोजगार की कमी नही होगी. पूरे तामझाम के साथ तत्कालीन उद्योग मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने इस इकाई का उद्घाटन किया था. उद्घाटन के बाद भवन निर्माण शुरू हुआ था और करीब एक दर्जन औद्योगिक इकाई का अपना भवन बनकर तैयार हो गया था.
कई भवनों में तो उत्पादन भी आरंभ हो गया था. इन्हीं में से एक अनंता साइकिल उद्योग में करीब 16 वर्षों तक उत्पादन होता रहा. इस औद्योगिक केंद्र में 1984 से 2000 साइकिल के पाट् र्स के साथ ही लोहे की ग्रिल व आलमीरा का निर्माण होता रहा.
लेकिन वर्ष 2000 के बाद आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर इस उद्योग को भी बंद कर दिया गया. इस औद्योगिक प्रागंण में अभिषेक फर्मास्यूटिकल्स द्वारा करीब 10 वर्षों तक स्लाइन का पानी बनाया जाता रहा वहीं वेंकटेश टेक्सटाइल, मॉडल टेनरी में भी कई वर्षों तक कार्य होता रहा. मॉडल केमिकल फिनाइल बनाने का काम करता था.
वहीं प्रिमियम रबर प्रोडक्ट्स, मेटा फारजिंग जैसे उद्योग तो कभी चालू ही नहीं हुए. वर्तमान में सिर्फ जय भवानी इंडस्ट्रीज चापाकल बनाने का कार्य कर रहा है. इसे भी सरकारी सहायता उपलब्ध नहीं करायी जा रही है.
