मायूस किसान ताक रहे आसमान

मॉनसून ने दिया धोखा. खेतों में पड़ी दरार देख फट रहा किसानों का कलेजा जहानाबाद : जिले में मौसम की बेरुखी से किसान परेशान हैं. बारिश के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाये हैं. खेतों में पड़ रही दरार को देख किसानों का कलेजा फट रहा है. पिछले दिनों पहली बार हुई से किसानों के […]

मॉनसून ने दिया धोखा. खेतों में पड़ी दरार देख फट रहा किसानों का कलेजा

जहानाबाद : जिले में मौसम की बेरुखी से किसान परेशान हैं. बारिश के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाये हैं. खेतों में पड़ रही दरार को देख किसानों का कलेजा फट रहा है. पिछले दिनों पहली बार हुई से किसानों के चेहरे खिले थे, लेकिन 10 दिनों से बारिश नहीं होने से बिचड़े सूखने लगे हैं. पानी के अभाव में खेतों में दरार पड़ने लगी है. खेत में नमी के अभाव में धान का बिचड़ा पीला पड़ने लगा है. किसान पंपिंग सेट के सहारे फिलहाल बिचड़े को बचाने में लगे हैं. वहीं, सिंचाई के अभाव वाली जगहों पर धान का बिचड़ा उड़ना शुरू हो गया है.
सफेद खेतों में पड़े दरार तथा मोरी उड़ने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खिंच गयी है. किसान बारिश के लिए आसमान निहार रहे हैं. जून के बीतने व अद्रा नक्षत्र जैसे नभ नक्षत्र में बारिश नहीं होने से किसानों की उम्मीद टूट गयी है. औसत से कम बारिश होने से किसानों के समक्ष विकट स्थिति पैदा हो गयी है. मौसम विभाग के अनुसार जून में सामान्य औसत वर्षापात
124.10 एमएम निर्धारित किया गया है.
लेकिन, बुधवार तक निर्धारित औसत से कम 37.15 एमएम वर्षा ही रिकाॅर्ड की गयी है. जिले में 49000 हेक्टेयर में धान की रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. लक्ष्य के अनुरूप बिचड़े की बुआई लगभग आधे खेतों में भी नहीं की गयी है. इस अनुपात में लगभग 2000 हेक्टेयर में ही खेतों में धान के बिचड़े डाले गये हैं. बताते चलें कि रोहन नक्षत्र के अंतिम समय में बारिश होने के कारण किसानों में आस जगी थी तथा वह इस साल औसत से ज्यादा बारिश होने का अनुमान लगा रहे थे. किसानों की भविष्यवाणी अब निरर्थक साबित होती दिख रही है. मौसम अनुकूल नहीं रहने व तीखी धूप से पड़ रही अधिक गरमी के कारण धान के बिचड़े में कई तरह के रोग व बिचड़ा खराब होने का डर किसानों को सता रहा है.
क्या कहते हैं किसान
बारिश नहीं होने से धान का बिचड़ा विकास नहीं कर पा रहा है. नमी के अभाव में बिचड़ा पीला पड़ना शुरू हो गया है.
अमित कुमार
समय से धान का बिचड़ा बोया था. खेतों में नमी के अभाव में धान का बिचड़ा उड़ रहा है. पंपिंग सेट व बोरिंग के अभाव में परेशानी हो रही है.
नंदकिशोर धीरज
तीखी धूप व अधिक गरमी से खेतों में दरार पड़ी है. जगह-जगह पर पंपिंग सेट के सहारे धान का बिचड़ा बचाने में किसान जुटे हैं.
गणेश यादव
अद्रा नक्षत्र में बारिश नहीं होने से धान की फसल के साथ-साथ भदई फसल पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
नागेंद्र कुमार

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