गर भवन में चेतना फ्रंट का राजनैतिक सम्मेलन
जहानाबाद नगर : डाॅ. श्रीकृष्ण सिंह राजनैतिक चेतना फ्रंट द्वारा नगर भवन में राजनैतिक सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए फ्रंट के संस्थापक पूर्व मंत्री प्रो. रामजतन सिन्हा ने कहा कि सत्ता में भागीदारी के लिए अगड़ी जातियों को एकजूट होना होगा. प्रदेश में 25 प्रतिशत अगड़ी जाति और 18 प्रतिशत मुसलमानों की आबादी को राजनैतिक सत्ता में भागीदारी से वंचित नहीं किया जा सकता. फ्रंट राजनीति में इस समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने और इनके हक-हकुक की लड़ाई को अंजाम देने के लिए अपने अभियान को और धारदार बनायेगा.
जिला सम्मेलन में प्रो. सिन्हा ने कहा कि 2020 में प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसका फैसला राज्य के बहुसंख्य आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली अगड़ी जातियों और मुसलमान समाज के लोग करेंगे. उन्होंने कहा कि अगड़ी जाति अब पिछलग्गू की भूमिका में नहीं रहेगी. अपने खोये राजनीतिक जमीन और वजूद को वापस प्राप्त करने का यह समुचित समय है. उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार कोई पार्टी आधारित सरकार नहीं. बल्कि एक जाति आधारित सरकार है. 17 प्रतिशत आबादी वाले 26 वर्षों से सत्ता का संचालन, नीति-निर्धारण एवं अन्य फैसला ले रहे हैं
जबकि 73 प्रतिशत आबादी सत्ता से अलग हैं. विधानसभा चुनाव के बाद अगड़ी जाति के लोगों में हताशा पैदा हुई है. पंचायत चुनाव में प्रदर्शन और भी निराशाजनक रहा है. समाज के सामने विकट स्थिति उत्पन्न हो गयी है कि जिसे वे वोट देते हैं वे भी उन्हें नहीं पहचानते. ऐसे में प्रदेश में ऐसी ताकत बनाना है
ताकि सभी आपके साथ चले. उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए हमे चेतना होगा. सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री नवल किशोर शाही ने कहा कि अगड़ी जाति एक सशक्त राजनीतिक शक्ति बनाएं तथा प्रदेश और देश की राजनीति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मिल कर वोट करें. सम्मेलन को रामाकांत पांडेय समेत अन्य कई नेताओं ने संबोधित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया जितेंद्र कुमार ने की. धन्यवाद ज्ञापन योगेंद्र शर्मा उर्फ योगा बाबू ने किया .
