कार्रवाई. सदर अस्पताल में मरीजों को बरगला कर ले जाता था निजी क्लिनिक
जहानाबाद (सदर) : अस्पताल से शनिवार को दो प्राइवेट एंबुलेंस चालकों को गिरफ्तार किया गया. एसडीओ डॉ नवल किशोर चौधरी ने गुप्त सूचना पर छापेमारी की और दोनों चालकों को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गये चालकों में सुजीत कुमार पांडेय और मुकेश कुमार पासवान शामिल हैं. इन दोनों की गिरफ्तारी अनधिकृत रूप से अस्पताल के विभिन्न वार्डों एवं लेवर रूम के पास घूमने तथा मरीजों व उनके परिजनों को बेहतर इलाज कराने का झांसा देकर प्राइवेट क्लिनिकों में ले जाने की कोशिश करने के आरोप में की गयी है. एसडीओ ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि कोई भी प्राइवेट एंबुलेंस चालक यदि सदर अस्पताल में अनधिकृत रूप से मरीजों को बरगलाने की कोशिश करेगा, तो वे बख्शा नहीं जायेगा.
सदर अस्पताल में दलालों का रहता है जमावड़ा : अमर शहीद जगदेव प्रसाद सदर अस्पताल में दलाल घूमने की बात कोई नयी नहीं है, बल्कि वर्षों से इस अस्पताल में दलालों और प्राइवेट एंबुलेंस चालकों की गतिविधि रही है. होता यह है कि शहर में संचालित प्राइवेट क्लिनिकों के संचालकों के द्वारा छोड़े गये दलाल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, लेवर रूम, महिला और पुरुष वार्ड एवं अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में घूमते रहते हैं. गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज या प्रसव पीड़ा से कराह रही महिलाओं को बेहतर इलाज कराने के नाम पर उन्हें दिग्भ्रमित किया जाता है और प्राइवेट क्लिनिकों में ले जाया जाता है. दलालों के अलावा प्राइवेट एंबुलेंस चलानेवाले भी अस्पताल में घूमते रहते हैं. मरीजों की विषम परिस्थिति का फायदा उठाते हुए शहर के प्राइवेट क्लिनिक के अलावा पटना या गया के निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज कराने के नाम पर ले जाते हैं. इसके बदले में दलाल और प्राइवेट एंबुलेंस चालक मरीजों से मनमानी कीमत वसूलते हैं. इन सारी स्थितियों से एसडीओ पूर्व से अवगत थे. शनिवार को गुप्त सूचना पाकर उन्होंने औचक निरीक्षण किया और दो प्राइवेट एंबुलेंस चालकों को गिरफ्तार किया.
एसडीओ ने छापेमारी कर दोनों को पकड़ा
लेबर रूम के पास घूम रहे थे दोनों चालक
उक्त दोनों एंबुलेंस चालक सदर अस्पताल के लेवर रूम के पास घूम रहे थे. बताया गया है कि प्रसव कराने आनेवाली महिला मरीज और उनके परिजनों से संपर्क कर वह बेहतर इलाज कराने के नाम पर प्राइवेट क्लिनिक में ले जाने की फिराक में थे. इसी बीच एसडीओ को उक्त दलालों के संबंध में गुप्त सूचना मिली. उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर अस्पताल में औचक छापेमारी की. अचानक एसडीओ को देख कर अस्पताल में खलबली मच गयी. चिकित्सा पदाधिकारियों को पहले यह समझ में नहीं आया कि माजरा क्या है. लेकिन, जब लेवर रूम के पास उक्त दोनों चालकों को पूछताछ के बाद एसडीओ ने हिरासत में ले लिया, तो मामले का खुलासा हुआ.
