अवधि बीतने के बाद भी वार्ड नंबर 10,20 व 30 में नहीं शुरू हुआ विकास कार्य
14वें वित्त आयोग मद की राशि से शहर में कार्य कराने के लिए हुआ था टेंडर
जहानाबाद : शहरी क्षेत्र के लोगों को नागरिक सुविधाएं बहाल कराने के उद्देश्य से नगर परिषद के वार्डों में विकास कार्य कराने की स्वीकृत अधिसंख्य योजनाएं अधूरी पड़ी है. वित्तीय वर्ष 2015-16 में 14वें वित्त आयोग मद की राशि से सभी 33 वार्डों में 36 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी थी. एग्रीमेंट कराने के बाद कार्य करने की अवधि भी पूर्ण हो गयी. लेकिन योजनाएं अधूरी पड़ी है. 36 में से मात्र तीन योजनाएं ही पूरी हुई है.
वार्ड नंबर 7,8 और 25 में उक्त मद की राशि से स्वीकृत योजनाएं पूरी हुई है. लेकिन 10,20 और 30 ऐसा वार्ड है जहां अभी योजना का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया गया है. एग्रीमेंट हुए और कार्य करने की अवधि समाप्त होने के बाद भी विकास कार्य अपूर्ण रहना शहरवासियों के साथ क्रूर मजाक कहा जा रहा है. इसमें संवेदक की मनमानी और लापरवाही खुलकर उजागर हुई है.
पीसीसी, नाली व स्लैब निर्माण के लिए हुआ था टेंडर :नगर परिषद क्षेत्र के वार्डों में चार करोड़ 45 लाख 85 हजार 300 प्राक्कलित राशि से 36 योजनाओं को पूर्ण करने के लिए टेंडर दिसंबर 2015 में आमंत्रित किया गया था. 21 दिसंबर को परिमाण विपत्र निर्गत किया गया था और 22 दिसम्बर को निविदा प्राप्त करने के बाद टेंडर खोला गया था.इन टेंडरों में वार्ड के भिन्न-भिन्न गलियों में पीसीसी, नाली निर्माण, ईंट सोलिंग व स्लैब निर्माण कराना था.
तीन योजनाओं को छोड़ 33 योजनाओं की प्राक्कलित राशि प्रति योजना साढ़े नौ लाख से अधिक की है. लेकिन गंभीर चिंता का विषय है कि ये सारी योजनाएं अबतक पूरी नहीं हुई है. अब कुछ ही दिनों बाद माॅनसून की बारिश भी होने वाली है. ऐसी स्थिति में योजनाओं के अपूर्ण रहने से शहरवासियों को गंदगी और जलजमाव की समस्या से जुझना पड़ सकता है. यदि समय रहते उक्त योजनाओं को पूरा कर दिया जाता तो शहर के वार्डों की स्थिति सुदृढ़ रहती.
शहरवासी इस बात को लेकर चिंतित नहीं रहते कि होने वाले बरसात में उन्हें फिर से गंदगी से गुजरना पड़ेगा. लोगों को इस बात की भी चिंता सता रही है कि फिर उनके घर के आंगन में गंदगी तैरेगी. थोड़ी सी बारिश होने पर ही नाली गलियों का गंदा पानी उनके घर व आंगन तक घूस जायेगा.
नपेगें लापरवाह संवेदक
अवधि के अनुसार काम पूरी नहीं करने वाले ठेकेदारों पर नगर परिषद के द्वारा कार्रवाई किये जाने के संकेत दिये गये हैं. नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद अरुण कुमार ने इसे गंभीरता से लिया है. उन्होंने विकास कार्यों के प्रति शिथिलता बरतने वाले संवेदकों के बारे में बताया कि जो संवेदक एग्रीमेंट में निर्धारित समय के भीतर काम नहीं करेगें, उनके विरुद्ध परिषद एक्शन लेगी. उनकी प्राक्कलित राशि से दस प्रतिशत की कटौती की जायेगी.
