नाले की निकासी की नहीं है व्यवस्था

समस्या . पटना-गया एनएच 83 पर वार्ड नबंर 26 की है समस्या गंभीर सड़कों पर फैला रहता है नाले का गंदा पानी जहानाबाद : पटना गया एनएच 83 पर शहर से बीचो-बीच अवस्थित नगर पर्षद के वार्ड नबंर 26 में नाला निकासी की समस्या गंभीर है . मुहल्ला में नाला की निकासी की समुचित व्यवस्था […]

समस्या . पटना-गया एनएच 83 पर वार्ड नबंर 26 की है समस्या गंभीर

सड़कों पर फैला रहता है नाले का गंदा पानी
जहानाबाद : पटना गया एनएच 83 पर शहर से बीचो-बीच अवस्थित नगर पर्षद के वार्ड नबंर 26 में नाला निकासी की समस्या गंभीर है . मुहल्ला में नाला की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सैकड़ों घरों का पानी एक जगह एकत्रित रहता है . जलजमाव की स्थिति से निबटने के लिए वार्ड पार्षद को भी कोई उपाय नहीं सूझ रहा है. थोड़ी सी बारिश होने पर वार्ड के कई जगहाें पर नाले की निकासी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से मोहल्ले की स्थिति नारकीय हो जाती है. बारिश व नाले के गंदा पानी जमे रहने से आसपास के लोगों को नाक पर रूमाल रख कर गलियों से गुजराना पड़ता है.
मोहल्लेवासियों को हमेशा गंभीर बीमारी होने का डर सताते रहता है. पटना-गया एनएच 83 पर स्टेट बैंक के समीप एनएच द्वारा कराये गये आधा-अधूरे नाले के निर्माण से सड़क पर हमेशा तालाब सा दृश्य बना रहता है . सड़क पर पानी फैले रहने के कारण आने-जाने वाले वाहन चालकोंं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है .सड़क की सतह पता नहीं चलने के कारण आवागमन करने वाले वाहन चालकों को हमेशा चिंता सताते रहती है . एनएच 83 व रेलवे लाअन के बीचो-बीच बतीश भंविरया तक बारिश होने पर सड़क ऊंची होने के कारण सैकड़ों घरों में नाले का पानी घुस जाता है . घर में पानी जमे रहने व नाले का निकास नहीं रहने के कारण घरों में ईंट रख कर लोग आना- जाना करते हैं.
हालांकि वार्डों में लगभग 25 लाख की लागत से होरिलगंज , प्रेमनगर सहित कई मोहल्ले में नाली, पीसीसी , लाइट सहित कई योजनाओं को पूरा किया गया है .जिसमें कई नये योजना का कार्य है. वार्ड में कई जगहाें पर नल की व्यवस्था की गयी है. लेकिन अब भी बिजली गुल रहने पर वार्ड में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है. मोहल्लेवासियों को पेयजल के लिए चापाकल का अभाव खटकता है. वार्ड में एक भी सामुदायिक भवन नहीं रहने के कारण सामूहिक आयोजन करने में मोहल्लेवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है .
मोहललेवासियों को मिली गेस्ट का सहारा लेकर कार्य संपन्न करते हैं. वार्ड में तीन आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं लेकिन सभी आगनबाड़ी केंद्र का संचालन किराये के मकान में होता है वार्ड में जनवितरण प्रणाली की दुकान नहीं रहने के कारण मोहल्लोवासियों को राशन किरासन के लिए दूसरे मोहल्ले में दूर जाना पड़ता है .जिससे खासकर महिलाओं को काफी परेशानी होती है .

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