छह को चांद दिखा, तो सात से शुरू होगा रमजान
जहानाबाद : इस रमजान अकीदतमंदों को सब्र का अधिक इम्तिहान देना पड़ेगा. इस बार रोजे की अवधि पंद्रह घंटे की होगी. कोई भी रोजा 15 घंटे 21 मिनट से कम का नहीं होगा. 21 जून को सबसे बड़ा रोजा 15.28 घंटे का होगा. तीस साल बाद जून में रमजान का महीना आयेगा, जिसके चलते गरमी भी थोड़ा परेशान करेगी. इधर बाजार भी रमजान के लिए सज रहे हैं.
चांद दिखे, तो दूसरों को भी दिखाएं
छह जून को चांद नजर आने पर अकीदतमंद पहला रोजा सात जून को रखेंगे. वहीं, अगर चांद सात को दिखेगा, तब रमजान की शुरुआत आठ जून से होगी. ईद 30 दिनों बाद 7-8 जुलाई को मनायी जायेगी. रमजान के दौरान सहरी का वक्त सुबह 4 बजे के आसपास व इफ्तार शाम 7.20 के बाद होगा. इमारत-ए-शरिया के मौलाना अनिसुर्रहमान कासमी ने कहा कि अगर छह जून को रमजानुल मुबारक का चांद दिखा, तो उसी दिन से नमाजे तरावीह शुरू हो जायेगी. उन्होंने लोगों से अपील की है कि चांद नजर आने पर दूसरों को भी दिखाएं, ताकि इसका एलान किया जा सके.
तब था छोटा रोजा
साल 2000 से 2003 के बीच दिसंबर में रमजान आया था. सर्दी के दिनों की अवधि भी कम होती है. इस चलते उस दौरान रोजे की अवधि 12 घंटे से भी कम समय की थी. लेकिन, जून के चलते दिन अधिक बड़ा होगा, जिससे रमजान की अवधि भी बढ़ेगी.
