पांच करोड़ 29 लाख की लागत से हुआ है मॉडल बस टर्मिनल का निर्माण
पेयजल की भी नहीं है व्यवस्था
पेयजल व शौचालय के लिए इधर -उधर भटक रहे यात्री
जहानाबाद नगर : कहने को मॉडल बस टर्मिनल, मगर सुविधाएं न के बराबर. दूर से देखने में चकाचक लेकिन मॉडल बस टर्मिनल में यात्री सुविधाओं का है घोर अभाव. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जिला मुख्यालय में करीब पांच करोड़ 29 लाख की लागत से मॉडल बस टर्मिनल का निर्माण कराया गया है. इस टर्मिनल का लोकार्पण 24 फरवरी 2016 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री महेश्वर हजारी द्वारा किया गया था .
मॉडल बस टर्मिनल के निर्माण के बाद लोगों में यह आस जगी थी कि अब उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेगी. लेकिन लोकार्पण के चार माह बीत जाने के बाद भी बस टर्मिनल में न तो पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की व्यवस्था सुचारु है ऐसे में यहां पहुंचने वाले यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. विशेष कर महिला एवं बुजुर्ग यात्रियों को तो और भी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है . उन्हें पेयजल व शौचालय के लिए इधर -उधर भटकना पड़ रहा है .
करीब पांच करोड़ से अधिक की राशि से निर्मित बस टर्मिनल में कहने को तो शौचालय का निर्माण कराया गया है लेकिन शौचालय में ताला लटके रहने के कारण इसका लाभ यात्रियों को नहीं मिल रहा है. वहीं नवनिर्मित बस टर्मिनल में पीने का पानी के लिए जगह तो बनाया गया है. यात्रियों को यह बताने के लिए कई स्थानों पर दीवार लेखन भी किया गया है. लेकिन कहीं भी पानी उपलब्ध नहीं है . जिस स्थान पर पीने का पानी का बोर्ड लगा है .वहां कोई नल ही नहीं लगा है .
हालांकि की बेसिन बना है लेकिन उसमें कचरे का अंबार लगा है. मॉडल बस स्टैंड में यात्री सुविधा के नाम पर कोई भी सुविधा उपलब्ध नही है . जबकि इससे नगर परिषद प्रशासन को लाखों की आमदनी हो रही है. जहानाबाद बस टर्मिनल से यात्रा आरंभ करने वाले यात्रियों का कहना है कि यहां सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है. कहने को तो यह मॉडल बस टर्मिनल है लेकिन सुविधा नगण्य है . यात्रियों का यह भी कहना है कि गरमी के इस मौसम में पेयजल की व्यवस्था नहीं रहने के कारण यात्रियों की परेशानी और अधिक बढ़ी हुई है . कई बार तो बस टर्मिनल होटल चलाने वाले व्यवसायियों के साथ यात्रियों की तू-तू-मैं-मैं भी पानी केलिए हो जाता है . सरकार को यहां शीघ्र पेयजल व शौचालय की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि यात्रियों की परेशानी कम हो .
इस संबंध में पूछे जाने पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि बस टर्मिनल में शौचालय का निर्माण कराया गया है लेकिन अब तक उसका टेंडर नहीं हुआ है जिसके कारण वह बंद पड़ा है. पेयजल की भी व्यवस्था करायी जा रही है.
