जहानाबाद नगर : व्यवहार न्यायालय के सभागार में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक हुई. बैठक में डीएम के नवीन कुमार एवं अरवल के डीएम रविशंकर चौधरी, जहानाबाद एसपी मनीष तथा अरवल एसपी राजीव रंजन के अलावे सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
31 मार्च तक पूरा कराएं कोर्ट भवन का निर्माण कार्य : डीजे

31 मार्च तक पूरा कराएं कोर्ट भवन का निर्माण कार्य : डीजे
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जहानाबाद नगर : व्यवहार न्यायालय के सभागार में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक हुई. बैठक में डीएम के नवीन कुमार एवं अरवल के डीएम रविशंकर चौधरी, जहानाबाद एसपी मनीष तथा अरवल एसपी राजीव रंजन के अलावे सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे. बैठक […]
बैठक में जिला जज ने भवन निर्माण के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अरवल का न्यायालय भवन, पदाधिकारियों का क्वार्टर तथा जेल को हर हाल में 31 मार्च तक पूरा हो जाना चाहिए. बैठक में जहानाबाद न्यायालय परिसर में हाजत, प्राधिकार भवन, साक्षी भवन के पास एवं अन्य जगहों पर मरम्मत तथा सफाई की व्यवस्था पर बल दिया.
न्यायालय परिसर में आने वाले वाहन लगाने के लिए पार्किंग की अलग व्यवस्था के अलावा न्यायालय परिसर में प्रवेश द्वार पर ही सभी लोगो की जांच करने का निर्देश दिया गया. बैठक में लोक अभियोजक सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने डायरी की समस्या का जिक्र करते हुये कहा कि सबसे खराब स्थिति मखदुमपुर की है. अरवल के जिला पदाधिकारी सरकारी अधिवक्ता की नियुक्ति की बात कही, तत्काल जहानाबाद में छह सरकारी अधिवक्ताओं में से एक की प्रतिनियुक्ति की मांग की.
अरवल जिला विधिक संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने अरवल में हो रहे न्यायालय भवन निर्माण परिसर में अधिवक्ताओं को बैठने की जगह निर्धारित नहीं करने के मांग पर भवन निर्माण द्वारा बताया गया कि नक्शे में अधिवक्ताओं को बैठने के लिए अलग से जगह निर्धारित नहीं किया गया है. इस पर जिला जज ने शीघ्र ही जमीन को चिह्नित कर विधिक संघ को सौंपने का निर्देश दिया. जहानाबाद में परिवार न्यायालय के न्यायाधीश एवं अन्य न्यायालय कर्मियों के क्वार्टर निर्माण के साथ वर्तमान न्यायाधीशों के रहने के क्वार्टर के रख- रखाव के बात भी रखा गया.
जिला विधिक संघ के अध्यक्ष गिरजानंदन सिंह ने स्थानीय उपकारा में व्याप्त भ्रष्टाचार की बात कही. उन्होंने बताया कि जेल में बंद कैदियों से उनके परिजनों को उनके पावर लेने में एक सप्ताह से अधिक का समय लेते हैं. जबकि वह पांच मिनट का काम है. जिलाधिकारी नवीन कुमार ने वहां उपस्थित कारा अधीक्षक को निर्देशित किया कि अपने स्तर से जांच कर रिपोर्ट समर्पित करें.
बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार जायसवाल, सीजेएम राजेश कुमार सब जज प्रथम सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार आरके रजक, विशेष लोक अभियोजक (एससी-एसटी एक्ट) राजेंद्र प्रसाद , विशेष लोक अभियोजक उत्पाद संजय कुमार, लोक अभियोजक सुरेंद्र प्रसाद सिंह, सरकारी अधिवक्ता सच्चिदानन्द शर्मा, सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार सिन्हा तथा विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य संतोष श्रीवास्तव उपस्थित थे.