जहानाबाद : पटना-गया-डोभी एनएच 83 को फोरलेन करने के अधूरे प्रोजेक्ट का राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रिटेंडर जारी किया गया है. इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 5300 करोड़ की राशि खर्च होगी. राशि का एक बड़ा हिस्सा जमीन अधिग्रहण में खर्च होगा. 2014 में 2015 करोड़ की लागत से फोरलेन निर्माण का प्रोजेक्ट गुजरात की कंपनी आइएल एंड एफएस इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन लि को मिला था.
एनएच 83 का हुआ तीन हिस्सों में रिटेंडर
जहानाबाद : पटना-गया-डोभी एनएच 83 को फोरलेन करने के अधूरे प्रोजेक्ट का राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रिटेंडर जारी किया गया है. इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 5300 करोड़ की राशि खर्च होगी. राशि का एक बड़ा हिस्सा जमीन अधिग्रहण में खर्च होगा. 2014 में 2015 करोड़ की लागत से फोरलेन निर्माण का प्रोजेक्ट गुजरात की […]

जापान की इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी भी इस कंपनी को फंडिंग कर रही थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण में हो रही देरी के कारण लागत बढ़ती गयी. पहले से ही आर्थिक दिक्कतों को झेल रही उक्त कंपनी बढ़ते फाइनेंशियल बोझ को संभाल नहीं पायी और दिवालिया हो गयी, जिसके बाद यह प्रोजेक्ट अटक गया.
एनएचएआइ ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार इस बड़े प्रोजेक्ट को तीन हिस्से में बांटकर रिटेंडर किया है. पटना, पोठही, नीमा, मसौढ़ी, जहानाबाद, गया, डोभी तक जाने वाले 127 किलोमीटर लंबी इस एनएच को फोरलेन बनाने के लिए तीन अलग-अलग टेंडर निकाले गये हैं.
पटना से 39 किलोमीटर के लिए 735 करोड़, वहीं 39-83 किलोमीटर के लिए 541 करोड़, 83-187 किलोमीटर तक 521 करोड़ का टेंडर निकाला गया है. सूत्रों के अनुसार गुजरात की बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी मोंटे कारलो सहित देश की कई बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने टेंडर में रूचि ली है.
मसौढ़ी से जहानाबाद तक एनएच की हो रही मरम्मत :पटना से जहानाबाद तक रोड की खस्ता हालत को देखते हुए यात्रियों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही थी. उनके लिए राहत की बात यह है कि 36 करोड़ की लागत से पटना से जहानाबाद तक एनएच की मरम्मत करायी जा रही है.
गड्ढों को भरा जा रहा है. 42 करोड़ की लागत से मरम्मत की एक और योजना चुनावी आचार संहिता के कारण स्वीकृत नहीं हो सकी. चुनाव बाद योजना के स्वीकृत होने के बाद पटना-गया राष्ट्रीय राजमार्ग को गड्ढोंरहित बनाकर यात्रा को सुगम करने की उम्मीद बंधी है.
पटना-गया-डोभी एनएच शीघ्र बनेगा फोरलेन
एनएच 83 के रिटेंडर होने के बाद प्रक्रिया जारी है. नौ मई को टेंडर फाइनल होने के बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जायेगा. बरसात के बाद तीव्र गति से काम करके अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जायेगा. वहीं जमीन अधिग्रहण में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर किया जायेगा.
प्रभात रंजन पांडेय, कार्यपालक अभियंता, एनएच 83