रेफर के बाद भी अस्पताल में तीन घंटे तक तड़पता रहा मासूम प्रिंस

जहानाबाद : सदर अस्पताल में गुरुवार की दोपहर एक हृदय विदारक घटना देखने को मिली. जहां अस्पताल के बरामदे में मासूम प्रिंस (10 वर्ष) करीब तीन घंटे तक तड़पता रहा. वहीं इसके परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. देखने वालों की भीड़ लग गयी कि आखिर माजरा क्या है? काको थाना क्षेत्र के […]

जहानाबाद : सदर अस्पताल में गुरुवार की दोपहर एक हृदय विदारक घटना देखने को मिली. जहां अस्पताल के बरामदे में मासूम प्रिंस (10 वर्ष) करीब तीन घंटे तक तड़पता रहा. वहीं इसके परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. देखने वालों की भीड़ लग गयी कि आखिर माजरा क्या है? काको थाना क्षेत्र के दमुहां गांव निवासी शिव कुमार पासवान के पुत्र की तबीयत अचानक बिगड़ गयी. दूजे भगवान के दर पर पहुंचे इस मासूम के परिजनों की वेदना बर्दाश्त से बाहर थी.

गरीबी से लाचार शिव की तंगी हालत के चलते आज उसके लाडले की जान भी जा सकती थी. जब बेहोशी की हालत में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था तो डॉक्टरों ने फौरन उसका इलाज कर उसे पटना के लिए रेफर तो जरूर कर दिया लेकिन एंबुलेंस के इंतजार में तीन घंटे बीत गये. पैसा नहीं होने के कारण निजी एंबुलेंस ले जाने में खुद को असहज महसूस कर रहे शिव एक तरफ ईश्वर को याद कर रहा था दूसरी तरफ एंबुलेंस का इंतजार.

खैर! घंटों बीतने के बाद एंबुलेंस पहुंचा और प्रिंस को पटना भेजा गया. डॉक्टरों ने कहा कि प्रिंस को मिरगी का रोग था, इस कारण वह काफी देर तक अचेत रहा. बेहतर इलाज जरूरी है. पूछे जाने पर सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल में महज तीन एंबुलेंस ही उपलब्ध है. सभी एंबुलेंस कॉल पर थे. इस कारण विलंब हुआ. बाद में रेडक्रॉस के एंबुलेंस से उसे भेजा गया.

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