कीचड़ से गुजरना पूर्वी ऊंटा के लोगों की बनी नियति
जहानाबाद : शहर के वार्ड नंबर नौ और 10 के पूर्वी ऊंटा मोहल्ले में रहने वाले लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं. समुचित सफाई और गंदे पानी की निकास कराने की व्यवस्था के लिए लंबे समय से लोग आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उसका समाधान अब तक नहीं हो पाया है. परिणाम यह है कि जाम नालियों का गंदा पानी पक्की गलियों में बह रहा है. दिनों दिन स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. यदि यथाशीघ्र उक्त ज्वलंत समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पूर्वी ऊंटा के हर घर के आंगन से गंदे पानी का निकलना मुश्किल हो जायेगा. जाड़ा, गर्मी हो या बरसात हर मौसम में उक्त मोहल्ले के लोग नरक सी स्थिति से आवाजाही करते हैं.
बरसात में तो लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है. फिलहाल प्राचीन देवी मंदिर ऊंटा के पूरब वाली गली की हालत ऐसी हो गयी है कि लोग संभल-संभल कर आवागमन कर रहे हैं. कीचड़ से सनी गली से गुजरने के बजाय मोहल्लेवासी घुमावदार रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंच रहे हैं. बड़ी संख्या में लोगों ने गंदगीयुक्त गली से गुजरना ही छोड़ दिया है.
पूर्वी ऊंटा एक ऐसा मोहल्ला है जहां से नालियों के पानी की निकास की व्यवस्था नहीं है. कुछ जगहों पर नाली के ऊपर अवैध निर्माण कर दिया गया है. इस कारण उसकी उड़ाही नहीं हो पाती. परिणाम यह होता है कि गंदगी गलियों में फैल गयी है. इन दिनों हालत इतनी खराब हो गयी है कि लोगों में व्यवस्था के प्रति भारी नाराजगी है. जलजमाव और बदहाल गलियों की तस्वीर लेकर लोग वाट्सएप ग्रुप में डाल रहे हैं, ताकि डीएम और अन्य पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट हो सके. स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने उसे गंभीरता से लिया है और नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी को इसका समाधान करने का निर्देश दिया है.
क्या कहते हैं वार्ड पार्षद
लगातार पांच दिनों तक नालियों की सफाई करवायी गयी, लेकिन ट्रांसफाॅर्मर के समीप सफाई के लिए कुछ लोगों ने स्लैब को हटाने से रोक लगा दिया. उनका कहना है कि यदि नाली से स्लैब हटाया या तोड़ा गया तो गंदा पानी उनके घर के अंडरग्राउंड में घुस जायेगा. नाली पूरी तरह जाम है. सफाई के लिए मैं सदैव जागरूक हूं.
सुमन देवी, वार्ड पार्षद
डीपीआर तैयार की
वार्ड नंबर नौ और 10 की समस्या गंभीर है. कारण है गंदे पानी के निकास की व्यवस्था नहीं रहना. इस समस्या का समाधान करने के लिए दोनों वार्डों का डीपीआर तैयार कर नगर विकास विभाग को भेजा जा रहा है. करोड़ों रुपये का प्रोजेक्ट है. स्वीकृति मिलते ही युद्ध स्तर पर नाला निर्माण योजना का क्रियान्वयन करा समस्या को दूर किया जायेगा.
संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी
