इंटरनेट और मोबाइल से ग्रीटिंग्स का बाजार मंदा

सज गयीं दुकानें, पर नहीं आते हैं ग्राहक जहानाबाद नगर : नये साल की बधाई देने के लिए लोग पहले ग्रीटिंग्स का उपयोग करते थे. भाई-बहन, दोस्त, प्रेमी-प्रमिकाओं को ग्रीटिंग्स कार्ड भेजना सुखद अनुभूति देता है. पर, अब यह बीते दिनों की बात रह गयी है. मोबाइल व इंटरनेट ने ग्रीटिंग्स का बाजार लगभग खत्म […]

सज गयीं दुकानें, पर नहीं आते हैं ग्राहक

जहानाबाद नगर : नये साल की बधाई देने के लिए लोग पहले ग्रीटिंग्स का उपयोग करते थे. भाई-बहन, दोस्त, प्रेमी-प्रमिकाओं को ग्रीटिंग्स कार्ड भेजना सुखद अनुभूति देता है. पर, अब यह बीते दिनों की बात रह गयी है. मोबाइल व इंटरनेट ने ग्रीटिंग्स का बाजार लगभग खत्म कर दिया है. ग्रीटिंग्स का कारोबार करने वाले व्यवसायियों का कहना है
कि ग्राहक नहीं के बराबर आते हैं. वजह साफ है तकनीक का ऐसा दौर चला कि ग्रीटिंग्स कार्ड की लुटिया डूब गयी. कभी लोग चटख ग्रीटिंग्स कार्ड की डिमांड किया करते थे. कुछ लोगों के शौक तो ऐसे हुआ करते थे कि वह स्पेशल स्केचिंग और पेंटिंग से भरपूर ग्रीटिंग्स कार्ड ही खरीदना पसंद करते थे. नव वर्ष के आरंभ से एक पखवारे पहले से ही इनकी दुकानें सज जाया करती थीं.
अब नहीं आते हैं ग्राहक
एक जमाना था जब ग्रीटिंग्स का क्रेज था. नये साल आने से पहले ही ग्रीटिंग्स की खरीदारी होने लगती थी. खरीदारों में बेहतर ग्रीटिंग्स खरीदने का होड़ मची रहती थी.
सुमित कुमार

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