टेक्नीशियन के भरोसे चल रहे कई अल्ट्रासाउंड केंद्र

लापरवाही . एक ही डॉक्टर के नाम पर कराया गया पंचीयन केंद्रों के बाहर भ्रूण जांच नहीं होने का लगा है बोर्ड जहानाबाद नगर : जिले में 10 निबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्रों का संचालन हो रहा है. जबकि कुछ केंद्रों का संचालन अवैध रूप से भी हो रहा है. जो कि ग्रामीण इलाके में या फिर […]

लापरवाही . एक ही डॉक्टर के नाम पर कराया गया पंचीयन

केंद्रों के बाहर भ्रूण जांच नहीं होने का लगा है बोर्ड
जहानाबाद नगर : जिले में 10 निबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्रों का संचालन हो रहा है. जबकि कुछ केंद्रों का संचालन अवैध रूप से भी हो रहा है. जो कि ग्रामीण इलाके में या फिर निजी नर्सिंग होम में संचालित हो रहा है. जिले में संचालित कई अल्ट्रासाउंड केंद्र टेक्नीशियन के भरोसे संचालित हो रहा है. वहीं कुछ केंद्रों में रेडियोलॉजिस्ट तो आते हैं, लेकिन वह सप्ताह में एक-दो दिन ही समय दे पाते हैं. ऐसे में अन्य दिनों में उनके नाम पर टेक्नीशियन द्वारा ही केंद्रों का संचालन होता है तथा मरीजों की जांच होती है. ऐसे में कई बार जांच रिपोर्ट भी गलत होने की संभावना रहती है. जब मरीज द्वारा दोबारा किसी अन्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड कराया जाता है
और रिपोर्ट में भिन्नता मिलती है तब इसका खुलासा होता है कि चिकित्सक के बजाय टेक्नीशियन द्वारा मरीज की जांच कर रिपोर्ट बना दी गयी है. कई केंद्र संचालक तो अधिक पैसा कमाने के लालच में टेक्नीशियन के सहारे ही केंद्र का संचालन करा रहे हैं. रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होने के कारण भी ऐसा हो रहा है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर निबंधित केंद्रों की जांच की जाती है.
एक ही चिकित्सक के नाम करा लिया गया निबंधन: प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक की कमी के कारण एक ही चिकित्सक के नाम पर कई स्थानों पर केंद्रों का संचालन होता है. जिस चिकित्सक के नाम पर पटना में केंद्र का संचालन हो रहा है उसी चिकित्सक के नाम पर जहानाबाद और गया में भी केंद्र का संचालन हो रहा है. केंद्र संचालन के लिए निबंधन लेते समय चिकित्सक का प्रमाणपत्र जमा कराया जाता है. एक ही चिकित्सक के नाम पर कई स्थानों पर गलत तरीके से निबंधन ले लिया जाता है, जिसकी तहकीकात विभाग भी नहीं करता. ऐसे में चिकित्सक सभी स्थानों पर समय नहीं दे पाते हैं जिसका परिणाम परोक्ष रूप से मरीजों को भुगतना पड़ता है. डॉक्टर के नाम पर टेक्नीशियन फिटफाट होकर डॉक्टर के रूप में इन केंद्रों में तैनात रहकर करते हैं संचालन.
केंद्रों के बाहर भ्रूण जांच नहीं होने का लगा है बोर्ड: जिले में संचालित अधिकांश अल्ट्रासाउंड केंद्रों के बाहर भ्रूण जांच नहीं होने से संबंधित बोर्ड लगा है. जब भी कोई जांच टीम आती है तो यह बोर्ड देखकर खुश होती है कि यहां भ्रूण जांच नहीं होता है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है. अधिक पैसा कमाने के लालच में केंद्र संचालक द्वारा चोरी-छिपे भ्रूण जांच भी की जाती है. हालांकि ऐसे मरीजों का कोई रेकाॅर्ड नहीं रखा जाता और न ही ऐसे मरीजों को जांच रिपोर्ट ही उपलब्ध करायी जाता है. इस तरह जिले में भ्रूण लिंग जांच का भी धंधा फल फूल रहा है. विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है. जबकि भ्रूण लिंग जांच पर पूरी तरह से रोक है.
क्या कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक
जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच प्रत्येक माह की जाती है. इसके लिए विभाग द्वारा एक टीम गठित की गयी है. टीम द्वारा 10 बिंदुओं पर जांच की जाती है. भ्रूण जांच से संबंधित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जायेगी.
डॉ ब्रज भूषण प्रसाद

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