हमलावर कर रहे थे सभी सात भाइयों की तलाश

जहानाबाद : विधवा गूंगी देवी के सात बेटे हैं. घटना की रात इनमें से चार बेटे घर में, एक निर्माणाधीन मंदिर के समीप मड़ई में और दो भाई दो ग्रामीणों के दालान में अलग-अलग सो रहे थे. सबसे बड़ा भाई निर्मल यादव एक दालान पर रात गुजार रहे थे और सबसे छोटा भाई सुनील एक […]

जहानाबाद : विधवा गूंगी देवी के सात बेटे हैं. घटना की रात इनमें से चार बेटे घर में, एक निर्माणाधीन मंदिर के समीप मड़ई में और दो भाई दो ग्रामीणों के दालान में अलग-अलग सो रहे थे. सबसे बड़ा भाई निर्मल यादव एक दालान पर रात गुजार रहे थे और सबसे छोटा भाई सुनील एक अन्य ग्रामीण के दालान पर सोया था. सुमित गांव के कुछ लड़कों के साथ क्विज प्रतियोगिता करते-करते रात में वहीं सो गया था. इस कारण बड़ा और छोटा भाई अपराधियों के चंगुल में आने से बच गये.

भूषण यादव घर के सामने मंदिर के पास मड़ई में सोया था. हमलावरों ने वहीं से उठाया था. घर के कमरे से वीरेंद्र, राजू, ललित और सुरिष्ठ को बंधक बनाने के बाद पांचों भाइयों को अलग-अलग स्थानों पर बेरहमी से पीटा गया. राजू को घर के आंगन में, वीरेंद्र को घर के बाहर, भूषण और सुरिष्ठ को आलू के खेत में और ललित को गांव से पूरब पइन पर ले जाकर अपराधियों ने इस कदर पीटा था कि सदर अस्पताल और पीएमसीएच के रास्ते में क्रमश: वीरेंद्र और राजू ने दम तोड़ दिया.

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