ढाई करोड़ की लागत से वार्डों का होना है विकास
अभियंताओं के स्वीकृत पद हैं रिक्त
जहानाबाद : नगर पर्षद क्षेत्र के 23 वार्डों में लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से करायी जाने वाली विकास योजनाओं पर फिलहाल ग्रहण लग गया है. वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के चक्कर में योजनाओं का क्रियान्वयन कराने का मामला लटक गया है. अब फिर से योजनाओं का प्राक्कलन तैयार करने में अभियंताओं की कमी खल रही है. जहानाबाद नगर पर्षद कार्यालय में एक भी नियमित कनीय अभियंता या सहायक अभियंता नहीं है. स्वीकृत पद रिक्त है. प्रतिनियुक्त कनीय अभियंताओं के माध्यम से 23 वार्डों में मुख्यमंत्री नाली-गली योजना के तहत विकास की 23 योजनाओं का क्रियान्वयन कराने का स्टीमेट कई माह पूर्व तैयार किया गया था.
जीएसटी लागू होने के बाद उसमें कुछ सुधार भी किया गया. योजनाओं से संबंधित टेंडर का प्रकाशन कराने की तैयारी थी लेकिन प्रतिनियुक्त सहायक अभियंता ने तैयार किये गये स्टीमेट में जीएसटी का सही पालन नहीं होने की बात कहकर तकनीकी स्वीकृति देने में असमर्थता व्यक्त कर दी और टेंडर की प्रक्रिया रुक गयी.
नाली-गली बनाने
पर भी ग्रहण
अब फिर से विधिवत प्राक्कलन तैयार करने के बाद ही अग्रेत्तर कार्रवाई की जायेगी. विकास की वाट जोह रहे मोहल्ले के लोग पक्की नाली-गली की सुविधा से वंचित दिख रहे हैं. पर्षद कार्यालय में जो प्रतिनियुक्त कनीय अभियंता हैं उन्हें प्राक्कलन में जीएसटी के सही मापदंडों का पालन करने में कठिनाई हो रही है. नियमों की पूरी तरह जानकारी ली जा रही है. ऐसी हालत में सरकार की महत्वाकांक्षी नाली-गली निर्माण कराने की तैयार की गयी योजना के क्रियान्वयन पर फिलहाल पानी फिर गया है.
प्राक्कलन में कराया जा रहा सुधार
जीएसटी के मापदंडों का पालन करने के लिए स्टीमेटी में सुधार किया जा रहा है. इसके बाद टेंडर निकाला जायेगा और विधिवत योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जायेगा. इसके अलावा सहायक और कनीय अभियंता को पदस्थापित करने के लिए विभागीय मंत्री से पत्राचार किया जा रहा है
संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी
