मुहिम. काको और मोदनगंज को ओडीएफ बनाने की पहल, गाया गीत
जहानाबाद : तबले की थाप और हारमोनियम की धुन पर जिले की बेटियों ने बुधवार को धमाल मचा दिया. समाहरणालय के सभागार में रिहर्सल करने पहुंची बेटियां गीत-संगीत के जरिये समाज को संदेश दे रहीं थीं. कला से लबरेज इन बेटियों द्वारा स्वरचित गीतों की प्रस्तुति इतनी बेहतर होगी शायद इसकी कल्पना डीएम साहब ने भी नहीं की होगी. तभी तो झूमती-गाती ये बेटियां बरबस सभी को अपनी गीतों पर सोचने-समझने और झूमने को मजबूर कर रहीं थीं. गुड़िया, राधा रानी, सुनैना, समेत और भी कई बेटियों का उत्साह और गायन तबले की थाप पर तेज हो जा रहा था. वहीं हारमोनियम वादक प्रिंस भी खुद को झूमने से नहीं रोक पा रहे थे.
जिले के कलक्टर भी कम धुनी नहीं, जिन्हें काको और मोदनगंज को ओडीएफ बनाने की धुन सवार है. तभी तो नींद-चैन सब भूल कर इस अभियान में दिन-रात जुटे हैं. देर रात से लेकर अहले सुबह तक इन इलाकों की गलियों और चौक-चौराहों का खाक छानते डीएम साहब फिलहाल एक ही मुहिम में जुटे हैं कि कोई भी शख्स खुले में शौच न करें. टॉर्च लेकर हर आने-जाने वाले राहगीरों को टोकते और निहारते डीएम साहब सभी को नसीहत देते देखे जा रहे. वे कह रहे थे कि आपके घर की बहू-बेटियां आपकी इज्जत हैं, इज्जत को बचाने की जवाबदेही भी आपकी है. अगर घर में शौचालय नहीं है तो समझो की आपकी इज्जत भी नहीं. अब गांव-गांव में शौचालय प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है. तभी तो समाहरणालय के सभागार में पहुंचीं ये बेटियां गीत-संगीत और नाटक के जरिये जागरूकता का अलख जगाने में जुटी हैं. गांव-घर में रह रहीं गरीब बेटियों के लिए रहनुमा बनीं ये बेटियां अब सभी को जगाने और डीएम साहब के मुहिम को गति देने तबले और हारमोनियम लेकर गांव के नुक्कड़ पर जाने का मन-मिजाज बना रही है.
स्वच्छता अभियान को आयाम देने में लगे कलाकारों द्वारा मगही और गंवई अंदाज में गीत गाये जा रहे. कहेली गउंवां के नारी, सजन शौचालय बना द हो …,मत शौच करे जईहा बहरिया में …, हम खुले में शौच करे न जईबउ गे मईया…, सबका यह अभियान है स्वच्छता का पैगाम है… सरीखे गीत गाये और गुनगुनाये जा रहे थे.
इन गीतों का रिहर्सल पूरे जोश के साथ हो रहा था. जिसकी मॉनीटरिंग खुद डीएम कर रहे थे. जिला कला एवं सांस्कृतिक मंच के सचिव संतोष श्रीवास्तव मोदनगंज ओडीएफ अभियान के नोडल पदाधिकारी रवि रंजन समेत संगीत शिक्षकों का भी जुटान हुआ था. जहां कलाकारों द्वारा गाये जा रहे गीत की ऑडियो क्लिपिंग भी तैयार की गयी. यही गीत इन प्रखंडों की गांव-गलियों में बजेगा. जिसकी सार्थकता एक समय-सीमा के अंदर सदा के लिए सुनी जायेगी.
