बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या है अधिक
जहानाबाद : शहर से सट्टे पश्चिम उत्क्रमित मध्य विद्यालय सहवाजपुर में एक हीं कक्षा में दो वर्गों का संचालन होता है. एक कमरे में दो वर्गों के संचालन होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है. विद्यालय में चार कमरे हैं. जिसमें वर्ग एक से लेकर आठ तक के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं.
विद्यालय में नामांकित 365 छात्र-छात्राएं हैं, जिनको शिक्षित करने के लिए स्कूल में 13 शिक्षक -शिक्षिकाएं पदस्थापित हैं. विद्यालय में चाहरदीवारी का अभाव है. स्कूल में चाहरदीवारी नहीं रहने के कारण बच्चे इधर-उधर सड़क पर घूमते रहते हैं. विद्यालय में पेयजल का अभाव है. ऐसे तो दो चापाकल लगाये गये हैं जिसमें विद्यालय का चापाकल खराब पड़ा है. सड़क किनारे लगाये गये सार्वजनिक चापाकल से विद्यालय में पेयजल की आपूर्ति की जाती है. तथा छात्र-छात्रा भी उसी चापाकल से अपनी प्यास बूझाते हैं. विद्यालय में एक शौचालय है. एक ही शौचालय का शिक्षक-शिक्षिका एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं इस्तेमाल करते हैं.
शौचालय के अभाव रहने के कारण छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती है. विद्यालय परिसर में जमीन का अभाव रहने के कारण बच्चों को खेलने के लिए खेल मैदान का अभाव है. किचेन तो बनाया गया है लेकिन साफ-सफाई का अभाव दिखता है. शुक्रवार को जब विद्यालय का जायजा लेने प्रभात खबर की टीम पहुंची तो विद्यालय की व्यवस्था बहुत कुछ खोट नजर आयी. बच्चों को परोसे गये एमडीएम में गुणवत्ता का अभाव था. नामांकित बच्चों के हिसाब से छात्र-छात्राओं की उपस्थिति काफी कम थी. 13 शिक्षकों में चार शिक्षक ही ड्यूटी पर तैनात थे. स्कूल प्रभारी बीएलओ कार्य से बैठक में गये हुए थे.
तीन शिक्षक छुट्टी में थे. एक शिक्षक अवैतनिक अवकाश पर गये हुए थे. बाकी चार शिक्षकों की उपस्थिति के बारे में जब प्रधानाध्यापक से पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बताने में असमर्थता जाहिर की तथा गोल -मटोल जवाब देकर अपने को बीएलओ कार्य में व्यस्त रहने की बात बतायी. आमतौर पर अधिकांश विद्यालयों मे शिक्षकों का अभाव देखा जाता है लेकिन इस विद्यालय में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या ज्यादा है.
