Jehanabad : बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय जागरूकता अभियान शुरू

पूरे देश से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 100 दिवसीय विशेष कार्ययोजना बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू की गयी.

जहानाबाद नगर. पूरे देश से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 100 दिवसीय विशेष कार्ययोजना बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू की गयी. भारत अभियान की पहली वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में शुरू किए गए 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के अंतर्गत तटवासी समाज न्यास द्वारा जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं. अभियान के तहत स्कूलों व शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों, विवाह में सेवाएं देने वाले पेशेवर सेवा प्रदाताओं तथा पंचायतों व नगर निकायों को विशेष रूप से लक्षित किया गया है, ताकि बच्चों के खिलाफ सदियों से चले आ रहे इस अपराध का समूल नाश किया जा सके. संगठन तटवासी समाज न्यास द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के सहयोग से बाल विवाह मुक्ति रथ जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. इस अवसर पर बाल विवाह मुक्ति रथ को उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर विधिवत रूप से रवाना किया गया.

बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

8 मार्च तक प्रखंडों व पंचायतों में चलेगा जनजागरूकता कार्यक्रम

यह जागरूकता अभियान 8 मार्च तक जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में संचालित किया जायेगा. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाना तथा बच्चों के अधिकारों एवं बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना रहा. कार्यक्रम में जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ,श्रम अधीक्षक तथा तटवासी समाज न्यास के कार्यकर्ता हेमंत कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह, मो सफी आलम, वैष्णवी केसरी शामिल थे. वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के एवं 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कानूनन अपराध है तथा इसके लिए दंडात्मक प्रावधान निर्धारित हैं. उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रशासन, विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल संरक्षण इकाई एवं समाज के सभी वर्गों की सामूहिक भूमिका पर बल दिया. बाल विवाह मुक्ति रथ के माध्यम से आम नागरिकों, अभिभावकों एवं युवाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया तथा इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई. कार्यक्रम के अंत में तटवासी समाज न्यास के प्रतिनिधियों ने सभी पदाधिकारियों, विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की.

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By MINTU KUMAR

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