Opposition Meeting: भाजपा के खिलाफ 13-14 जुलाई को होने वाली विपक्षी एकता की बैठक टल गयी है. इस बारे में जानकारी देते हुए जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने बताया कि 20 जुलाई से 11 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र होना है. ऐसे में नेताओं की उपलब्धता में परेशानी हो रही थी. विपक्षी एकता की बैठक का आयोजन अब संसद सत्र के बाद आयोजित किया जाएगा. बता दें कि 23 जून में आयोजित विपक्षी एकता की बैठक में देशभर से 15 राजनीतिक पार्टियों ने हिस्सा लिया था. इसमें चर्चा के बाद आगे की रणनीति के लिए शिमला में बैठक करने का प्लान बना था. इसके बाद, बैठक की जगह के बदलते हुए बेंगलुरु में बैठक होना तय हुआ था.
नीतीश कुमार की अगुवाई में एकजुट हुई है विपक्षी पार्टियां
बता दें कि नीतीश कुमार की अगुवाई में विपक्ष एकजुट हुई है. कांग्रेस के साथ, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, एमके स्टालिन आदि पटना में एकजुट हुए थे. बैठक को लेकर सभी पार्टियों ने एक साझा प्रेसवार्ता भी किया था. इसके बाद, आम आदमी पार्टी की नाराजगी को लेकर चर्चा चल रही थी. हालांकि, विपक्षी पार्टियों ने आम आदमी की नाराजगी की बात को खारिज कर दिया था.
देश में गरम है सियासी हलचल
महाराष्ट्र में एनसीपी की टूट पर के कारण देश में सियासी गलचल काफी तेज है. इसके कारण बिहार में भी सियासत गर्म हो गयी. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने इस प्रकरण पर मीडिया से पटना एयरपोर्ट पर बातचीत के दौरान कहा है कि भाजपा जनता की ताकत पर विश्वास नहीं करती है. जोड़-ताेड़ पर विश्वास करती है. जनता की ताकत पर सब दिन भाजपा को झटका ही लगेगा. बिहार में भी इस तरह की कोशिश के सवाल पर ललन सिंह ने कहा है कि बहुत कोशिश हो चुकी है. वहीं मंत्री मदन सहनी ने कहा है कि बिहार में न कभी ऐसा कुछ हुआ है और न होने वाला है. वहीं, बिहार प्रदेश राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राणा रणवीर सिंह ने कहा है कि पूरा बिहार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार के साथ है.
