जमुई जिले में वन्यजीवों (जंगली जानवरों) के कारण होने वाले जान-माल के नुकसान को लेकर बिहार सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग ने बड़ी राहत दी है. वन्यजीवों के हमले में इंसानी जान जाने, किसी के घायल होने, मवेशियों (पशुधन) की मौत या फसलों व संपत्ति के नुकसान की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सरकारी प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता (मुआवजा) प्रदान की जाएगी. इस संबंध में जमुई वन प्रमंडल ने गाइडलाइन जारी कर प्रक्रिया की जानकारी दी है.
घटना के 24 घंटे के भीतर देनी होगी लिखित सूचना
जमुई वन विभाग के अनुसार, मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए समय पर सूचना देना अनिवार्य है:
- समय-सीमा: यदि वन्यजीव के हमले में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, कोई व्यक्ति घायल होता है, अथवा किसी का मवेशी मारा जाता है या फसल/मकान को नुकसान पहुंचता है, तो पीड़ित या उसके परिजनों को 24 घंटे के भीतर सूचित करना होगा.
- आवेदन की प्रक्रिया: घटना की लिखित सूचना अपने निकटतम वन क्षेत्र (रेंज) कार्यालय, वन प्रमंडल कार्यालय (जमुई) या नजदीकी पुलिस थाने में आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करनी होगी.
विभागीय टीम करेगी जांच, फिर जारी होगा मुआवजा
आवेदन प्राप्त होने के तुरंत बाद वन विभाग की विशेष टीम घटनास्थल का मुआयना और मामले की भौतिक जांच (Physical Verification) करेगी:
- सत्यापन: जांच में शिकायत सही पाए जाने और सभी कागजात दुरुस्त होने पर नियमानुसार तय मुआवजा राशि स्वीकृत कर सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी.
- सतर्कता की अपील: वन विभाग ने जंगली जानवरों की आवाजाही वाले क्षेत्रों और जंगलों से सटे गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
मुख्य बातें (At a Glance)
- मुआवजा का दायरा: इंसानी जान-माल, घायल होने, पशुधन, फसल और संपत्ति के नुकसान पर आर्थिक सहायता देय होगी.
- अनिवार्य शर्त: घटना की सूचना 24 घंटे के अंदर वन विभाग या स्थानीय पुलिस थाने को देनी होगी.
- जांच प्रक्रिया: विभागीय स्तर पर स्थल निरीक्षण के बाद ही मुआवजा स्वीकृत होगा.
- संपर्क: विस्तृत जानकारी व आवेदन पत्र के लिए जमुई वन प्रक्षेत्र कार्यालय अथवा वन प्रमंडल कार्यालय, जमुई से संपर्क किया जा सकता है.
