सदर अस्पताल में एसडीओ ने की कार्रवाई, दो महिला बिचौलिया गिरफ्तार
सदर अस्पताल को बिचौलिया मुक्त करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. गुरुवार देर शाम अनुमंडल पदाधिकारी सौरभ कुमार ने सदर अस्पताल में औचक छापेमारी कर दो महिला बिचौलिया को रंगे हाथ गिरफ्तार किया.
By PANKAJ KUMAR SINGH | Updated at :
जमुई . सदर अस्पताल को बिचौलिया मुक्त करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. गुरुवार देर शाम अनुमंडल पदाधिकारी सौरभ कुमार ने सदर अस्पताल में औचक छापेमारी कर दो महिला बिचौलिया को रंगे हाथ गिरफ्तार किया. वहीं, अनियमितता पाये जाने पर अस्पताल परिसर के बाहर संचालित दो निजी दवा दुकानों को सील कर दिया गया. इस कार्रवाई से अस्पताल परिसर के साथ अवैध ढंग से दवा दुकान चला रहे दुकानदारों में भी अफरा-तफरी मच गयी. दरअसल, गुरुवार देर शाम सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया जा रहा था. इसी दौरान प्रसव कक्ष के समीप दो महिला बिचौलियों को एक महिला मरीज को बहला-फुसलाकर निजी क्लीनिक ले जाने की कोशिश करते देखा गया. इसकी सूचना तत्काल जिलाधिकारी श्री नवीन को दी गयी. जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सौरव कुमार दल-बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और कार्रवाई करते हुए दोनों महिला बिचौलियों को पकड़ कर उन्हें सदर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया. बताते चलें कि शुक्रवार शाम तक दोनों महिला बिचौलिया थाना के हाजत में ही थी.
मरीजों को बरगलाने का खेल खत्म
एसडीएम सौरव कुमार ने बताया कि काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि अस्पताल में सक्रिय बिचौलिये सीधे-सादे मरीजों को सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने के बजाय निजी क्लीनिक और बाहर की दवा दुकानों पर भेजकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं. पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि पकड़ी गयी महिलाएं मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर बाहर ले जाने का काम कर रही थीं. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सदर अस्पताल में किसी भी सूरत में बिचौलियों को बख्शा नहीं जायेगा. मरीजों को बेहतर और निःशुल्क सरकारी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है.
दो दवा दुकानों पर गिरी गाज
इस दौरान सदर अस्पताल के ठीक बाहर स्थित नालंदा मेडिकल और महर्षि मेंही मेडिकल की भी जांच की गयी. कागजातों की कमी रहने के साथ-साथ नियम संगत ढंग से दुकान नहीं संचालित करने को लेकर दोनों दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. साथ ही एसडीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर से फोन पर बातचीत कर जिले की सभी दवा दुकानों के लाइसेंस और दवा की खरीद-बिक्री की जांच के निर्देश भी दिये हैं.
अस्पताल परिसर में हड़कंप
एसडीएम की इस औचक कार्रवाई से अस्पताल के भीतर और बाहर सक्रिय दलालों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया. टीम के पहुंचते ही कई संदिग्ध मौके से फरार हो गये. इस कार्रवाई से आम मरीजों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है, जिन्हें अक्सर जांच और दवा के नाम पर बाहर भेज दिया जाता था.
कोट
अस्पताल परिसर में किसी भी सूरत में बिचौलियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गरीब मरीजों का हक मारने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. –
सौरव कुमार, एसडीएम, जमुई
सदर अस्पताल परिसर को बिचौलिया मुक्त कराना मेरी पहली प्राथमिकता है. सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है.
डॉ अशोक कुमार सिंह, सिविल सर्जन, जमुई
गिरफ्त में लिये गये महिला बिचौलिया को लेकर अबतक कोई आवेदन नहीं मिला है. वरीय अधिकारी के द्वारा बीते गुरुवार की रात्रि सदर अस्पताल से इन्हें पुलिस के हवाले किया गया था. वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार ही आगे की कार्रवाई की जायेगी.