परमात्मा के ज्ञान से स्थापित होगा सत्य व शांति का युग : राजयोगिनी कंचन

प्रखंड मुख्यालय स्थित एक निजी भवन में 90वीं त्रिमूर्ति महाशिवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो गया.

गिद्धौर. प्रखंड मुख्यालय स्थित एक निजी भवन में 90वीं त्रिमूर्ति महाशिवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हो गया. कार्यक्रम का आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की गिद्धौर शाखा द्वारा किया गया. महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया. महोत्सव के अवसर पर बेगूसराय से पधारी मुख्य वक्ता राजयोगिनी कंचन दीदी ने शिव जयंती के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि शिव जयंती परमपिता परमात्मा के अवतरण का पावन स्मृति दिवस है. जब संसार में अधर्म, अशांति और अज्ञान बढ़ता है, तब परमात्मा सत्य, शांति और प्रेम की स्थापना के लिए अवतरित होते हैं. कार्यक्रम के दौरान ‘ओम शांति’ की मधुर ध्वनि और दिव्य गीतों से वातावरण आध्यात्मिक रंग में सराबोर हो गया. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय परिवर्तन का दौर है और मानवता को आध्यात्मिक जागृति की अत्यंत आवश्यकता है. परमात्मा के ज्ञान तथा राजयोग के नियमित अभ्यास से ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि संभव है. महोत्सव में श्रद्धालुओं ने ध्यान साधना एवं संकल्प सत्र में भाग लेकर आत्मिक शांति का अनुभव किया. गिद्धौर शाखा की ब्रह्माकुमारी सरिता ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सद्भावना का संचार करते हैं. उन्होंने सभी से नियमित राजयोग ध्यान एवं आध्यात्मिक अध्ययन से जुड़ने का आह्वान किया. प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. स्थानीय लोगों की व्यापक सहभागिता से महोत्सव ने गिद्धौर क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरण का संदेश प्रसारित किया.

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