आदिवासी परिवारों ने किया सिमुलतला वन कार्यालय का घेराव

अधिकारियों पर लगाया झोपड़ी जलाने का आरोप

चंद्रमंडीह. थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर जंगल में एक वर्ष से झोपड़ी बना कर रह रहे करीब ढाई सौ आदिवासी परिवारों पर कार्रवाई की गयी. इसके विरोध में लक्ष्मीपुर, बनाडीह, केवाल, नोनतारा, कांशा, बथनावरन गांव के सैकड़ों आदिवासी महिला-पारंपरिक हथियार, नगाड़े, हसुआ आदि लेकर पहुंचे व सिमुलतला वन कार्यालय का घेराव किया.

ग्रामीण आदिवासियों ने कहा कि हमलोग करीब ढाई सौ परिवार लक्ष्मीपुर जंगल में पिछले एक वर्ष से झोपड़ी बनाकर गुजर बसर कर रहे हैं. दो दिन पूर्व केवाल एवं सिमुलतला खनन विभाग के पदाधिकारियों ने हम लोगों को झोपड़ी हटाने को कहा. और आज आग लगाकर झोपड़ी जला दी. हमलोग भूमिहीन हैं. कहां रहेंगे. हमारे पूर्वज वर्षों से जंगल में ही रहते आ रहे हैं. जबतक हमलोगों का फैसला नहीं होगा, हमलोग यहां से नहीं हटेंगे. आदिवासी शांति से वन विभाग कार्यालय का घेराव कर अपनी मांग को रख रहे थे. अचानक उग्र हो गये, जब सिमुलतला थाना में पदस्थापित एसआइ अमरजीत कुमार ने उन्हें हटाने का प्रयास किया. हालांकि बाद में उन्हें समझाबुझा कर घर भेजा गया. इसे लेकर एसआइ अमरजीत कुमार ने कहा कि आचार संहिता लागू है. इसी को लेकर हमने उन्हें समझाने का प्रयास किया था कि आप आवेदन दे दें. उन लोगों द्वारा बल प्रयोग का लगाया गया आरोप बेबुनियाद है.

कहते हैं अधिकारी

इस संबंध में चकाई रेंजर संजय कुमार ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगाया गया आरोप गलत है. वन विभाग जंगल को बचाता है. आग नहीं लगायी गयी है. बिना अंचलाधिकारी द्वारा आवंटित जमीन के हमलोग उन्हें जंगल में झोपड़ी बनाकर नहीं रहने देंगे. अंचलाधिकारी से जमीन आवंटित होने पर आदिवासियों को उसी जमीन पर रहने दिया जायेगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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