आंजन नदी पर पुल नहीं, हर बरसात में दो हिस्सों में बंट जाता है गांव

आज़ादी के इतने वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रखंड की नूमर पंचायत स्थित महादलित बस्ती कटका मुसहरी आज भी बुनियादी विकास से वंचित है.

बरहट. आज़ादी के इतने वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रखंड की नूमर पंचायत स्थित महादलित बस्ती कटका मुसहरी आज भी बुनियादी विकास से वंचित है. गांव के बीचोंबीच बहने वाली आंजन नदी यहां की सबसे बड़ी समस्या बन गई है. जिसने पूरे गांव को दो हिस्सों में बांट रखा है. विडंबना यह है कि वर्षों से मांग के बावजूद इस नदी पर एक छोटा पुल तक नहीं बन पाया, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को हर साल भुगतना पड़ता है.बरसात आते ही हालात और भयावह हो जाते हैं. नदी में पानी भर जाने के कारण गांव के एक छोर से दूसरे छोर तक आना-जाना लगभग ठप हो जाता है. कई परिवार ऐसे हैं. जिनके सदस्य नदी के दोनों किनारों पर रहते हैं.लेकिन बारिश के दिनों में आपसी मेलजोल भी मुश्किल हो जाता है. पुरुष किसी तरह जोखिम उठाकर नदी पार कर लेते हैं, मगर महिलाओं और बच्चों के लिए यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं. गांव की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती. महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रखंड मुख्यालय अस्पताल और थाना तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को करीब 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. शिक्षा पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है नदी के एक ओर स्थित प्राथमिक विद्यालय कटका मुसहरी तक दूसरे छोर के बच्चे बरसात में पहुंच ही नहीं पाते, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती है.

चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं नेता

ग्रामीण डेगन मांझी, रामदेव मांझी, मुकेश मांझी, रंजीत मांझी, सबिया देवी और अजय मांझी समेत कई लोगों का कहना है कि हर चुनाव में नेता आते हैं, पुल बनाने का वादा करते हैं. लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं. स्थानीय नेताओं से लेकर बड़े जनप्रतिनिधियों तक से उम्मीदें जगीं मगर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.हालांकि हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने खुद गांव पहुंचकर पुल निर्माण का आश्वासन दिया है, जिससे ग्रामीणों में एक बार फिर उम्मीद जगी है. उनका मानना है कि अगर पुल बन गया, तो गांव एकजुट होगा, बच्चों की पढ़ाई सुचारू होगी और महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी.

कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी

इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी एसके पांडेय ने भी मानते हैं कि कटका मुसहरी में पुल का निर्माण बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत प्रस्ताव तैयार कर वरीय अधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि इस महादलित बस्ती को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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