पछुआ हवा ने बढ़ायी ठिठुरन, चौक-चौराहों पर नहीं जल रहे अलाव

बीते दो-चार दिनों से मौसम में भारी परिवर्तन को देखने को मिला है, जहां एक तरफ पारा लुढ़का है तो वहीं दूसरी ओर कनकनी लोगों को सताने लगी है.

जमुई. बीते दो-चार दिनों से मौसम में भारी परिवर्तन को देखने को मिला है, जहां एक तरफ पारा लुढ़का है तो वहीं दूसरी ओर कनकनी लोगों को सताने लगी है. लिहाजा ठंड का प्रकोप बढ़ा है और रही-सही कसर बहने वाली पछुआ हवा ने पूरी कर दी. लोग घरों में ठंड के कारण दुबकने को मजबूर हो गये हैं. धूप निकलने के बाद स्थिति तो कुछ सामान्य होती है, पर सुबह और शाम में ठंड काफी बढ़ जाती है. दिन भर लोग अपने आप को गर्म कपड़ों से ढके रहते हैं. सबसे खराब स्थिति तो मजदूर वर्ग के लोगो को हो रही है. वे लोग किसी तरह अपने आप को ठंड से बचाने का प्रयास कर रहे हैं. आलम यह है कि ठंड बढ़ने के बावजूद झाझा प्रखंड प्रशासन की कुंभकर्णी नींद नही टूटी. प्रशासन ने ठंड से बचाव को लेकर कोई भी व्यवस्था नहीं की है न तो कंबल की व्यवस्था की गयी है और न ही कहीं पर अलाव की व्यवस्था की गयी है. ठंड के मौसम में चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था प्रशासन के द्वारा की जाती थी, पर इस बार जमुई जिला मुख्यालय में अभी तक ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही है.

गर्म कपड़ों से भी लोगों को नही मिल रही राहत

ठंड से कांप रहे जिले के आम लोगों का बुरा हाल है. लोगों को गर्म कपड़ों से भी राहत नहीं मिल पा रही है. ठंड में सफर करने वाली यात्री परेशान है. बस, टेंपो आदि से उतरने के बाद लोग चौक-चौराहे पर पहुंचते ही अलाव की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं. अलाव न मिलने पर वह चाय पीने के बहाने भट्ठियों में हाथ सेंकने को मजबूर हो रहे हैं. प्रशासन ने ठंड से निपटने के लिए अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया है, लोगों ने प्रशासन से अलाव जलाने की मांग की है.

प्रशासन से अलाव की व्यवस्था कराने की मांग

गिद्धौर. क्षेत्र में कड़ाके की ठंड से आजकल आम जन जीवन मानो थम सा गया है, लोग सुबह से शाम ढलने तक घरों में दुबके नजर आने लगे हैं. वहीं सड़कें वीरान होती जा रही हैं, लोगों का काम धंधा मंदा पड़ गया है. राहगीरों के जान माल की सुरक्षा के लिए चौक चौराहों पर सरकारी अलाव की अब तक व्यवस्था नही की गयी है. जिससे आम ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन के खिलाफ असंतोष देखा जा रहा है. क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से अलाव की व्यवस्था करने व कंबल वितरण करवाने की मांग की है. किसी तरह अलाव की व्यवस्था कर इस इलाके के ग्रामीण, ऑटो चालक, रिक्शा चालक, व राहगीर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं.

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