गिद्धेश्वर मंदिर की शिवगंगा का जल प्रदूषित

प्रखंड मुख्यालय स्थित अति प्रसिद्ध गिद्धेश्वर नाथ धाम स्थित पवित्र शिवगंगा दशकों से उपेक्षा और बदहाली का शिकार बनी हुई है.

खैरा. प्रखंड मुख्यालय स्थित अति प्रसिद्ध गिद्धेश्वर नाथ धाम स्थित पवित्र शिवगंगा दशकों से उपेक्षा और बदहाली का शिकार बनी हुई है. इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल की स्थिति यह है कि न तो कभी इसकी नियमित सफाई होती है और न ही अब तक किसी प्रकार का जीर्णोद्धार किया गया है. शिवगंगा का जल इस कदर प्रदूषित हो चुका है कि उसमें स्नान करना असंभव हो गया है. श्रद्धालु इस उम्मीद के साथ यहां आते हैं कि पवित्र सरोवर में स्नान कर भोलेनाथ की पूजा करेंगे, लेकिन शिवगंगा की हालत देखकर वे पास ही बहने वाली किऊल नदी की ओर चले जाते हैं. वहां भी अवैध बालू खनन के कारण बने गहरे गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं. श्रद्धालु अपनी जान जोखिम में डालकर उसमें स्नान कर रहे हैं. गौरतलब है कि गिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद से पंजीकृत है. बावजूद इसके, प्रशासन और मंदिर समिति की नजर इस पवित्र स्थल की सफाई और संरक्षण पर नहीं जाती. परिसर में कई योजनाएं लाई गईं, लेकिन शिवगंगा जैसे मूल तत्व की अनदेखी जारी है. मेला स्थल की हालत भी कम दयनीय नहीं है. साफ-सफाई की व्यवस्था न के बराबर है. मेला क्षेत्र को गंदा करने में स्थानीय दुकानदार भी भूमिका निभाते हैं. गिद्धेश्वर धाम में हर सोमवार, प्रत्येक पूर्णिमा, वैशाख और सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में यहां प्रतिदिन सफाई की आवश्यकता है, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं होता. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंदिर प्रबंधन की उदासीनता के कारण यह ऐतिहासिक धरोहर अपनी पवित्रता और गरिमा खोती जा रही है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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