चार वर्षों से दंत चिकित्सक का पद खाली, धूल फांक रहे उपकरण

आठ पंचायतों के मरीजों को इलाज के लिए जाना पड़ता है निजी क्लिनिक या सदर अस्पताल

गिद्धौर सीएचसी में दांत की परेशानी वाले मरीज होते हैं परेशान

गिद्धौर. प्रखंड स्थित दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दंत चिकित्सक का पद पिछले चार वर्षों से खाली पड़ा हुआ है. चिकित्सक के अभाव में यहां लगाये गये दंत चिकित्सा उपकरण बेकार पड़े हुए हैं और उस पर धूल जम रही है. इससे प्रखंड क्षेत्र के मरीजों को दंत रोग के इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में यहां दंत चिकित्सक के पदस्थापना होने के बाद क्षेत्र के लोगों को दांत से संबंधित बीमारियों के इलाज में काफी सहूलियत मिल रही थी, लेकिन वर्ष 2021 में यहां पदस्थापित दंत चिकित्सक डॉ स्वेता गुप्ता का स्थानांतरण हो जाने के बाद से यह पद खाली पड़ा हुआ है. तब से अस्पताल में लगे दंत चिकित्सा के उपकरण बिना उपयोग के पड़े हैं और उनकी देखरेख नहीं होने से मशीनों में जंग भी लगने लगा है.

दंत चिकित्सक नहीं रहने से प्रखंड के लोगों को दांत से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए बाहर का रुख करना पड़ रहा है. सामान्य समस्या होने पर अस्पताल में मौजूद अन्य चिकित्सक मरीजों को दवा लिख देते हैं, जिससे उन्हें कुछ समय के लिए राहत मिल जाती है. लेकिन जब आरसीटी, दांत निकालने, टीथ इंप्लांट या अन्य जटिल दंत रोगों के इलाज की जरूरत होती है, तब मरीजों को सदर अस्पताल या निजी क्लीनिक में इलाज के लिए जाना पड़ता है.

कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नरोत्तम सिंह ने बताया कि पहले यहां दंत चिकित्सक पदस्थापित थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह पद खाली है. इस समस्या से जिला स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया गया है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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