जमुई . जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला श्रम प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सजग नजर आ रहा है. श्रम अधीक्षक जमुई रतीश कुमार के नेतृत्व में गठित धावा दल ने सिकंदरा प्रखंड में कार्रवाई करते हुए दो बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया है. इस दौरान बाल श्रम में संलिप्त नियोजकों के विरुद्ध बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम, 1986 की धारा 3 एवं धारा 14(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. कार्रवाई के दौरान श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से छापेमारी कर बाल श्रमिकों को मुक्त कराया. विमुक्त किए गए बच्चों को आगे की देखरेख, परामर्श एवं पुनर्वास की प्रक्रिया के लिए संबंधित विभाग को सुपुर्द किया गया है. इस संबंध में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सिकंदरा नीरज कुमार ने बताया कि पैन इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन 3.0 के तहत यह अभियान लगातार जारी रहेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल श्रम कराने वालों के विरुद्ध आगे भी कड़ी कार्रवाई की जायेगी. जिला श्रम प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखे तो इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके.
बाल श्रम के खिलाफ सख्त कार्रवाई, दो बाल श्रमिक कराये गये मुक्त
जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला श्रम प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सजग नजर आ रहा है.
