भागवत कथा के श्रवण से खुलता है मोक्ष का द्वार : मोहन शरण आचार्य

श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से समस्त पाप नष्ट होकर प्रभु की कृपा तो मिलती ही है साथ ही मोक्ष का द्वार भी खुलता है.

सोनो . श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से समस्त पाप नष्ट होकर प्रभु की कृपा तो मिलती ही है साथ ही मोक्ष का द्वार भी खुलता है. यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और जीवन में शांति, समृद्धि का स्रोत भी है. यह कथा मनुष्य को उसके जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति दिलाती है और जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है. उक्त बातें श्रीमद्भागवत कथा वाचक पंडित मोहन शरण आचार्य ने महेश्वरी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सह कार्तिक व्रत उद्यापन कार्यक्रम के दौरान प्रवचन देते हुए कही. बताते चलें कि बीते 14 अक्तूबर से आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम से पूरे गांव का वातावरण भक्तिमय हो गया है. गांव में श्रद्धा और उल्लास का माहौल है. कथा के दौरान आचार्य संजीव पांडेय ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीवन का सार सिखाती है और मनुष्य को आंतरिक बल देती है. इस अवसर पर संगीत वाचक मधु भारती ने अपने भजन तन को जल से धोना सरल है पर मन को निर्मल बनाना बड़ी बात है से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. उनके भजन पर देर रात्रि तक श्रोता भक्त जन झूमते रहे. यह कार्यक्रम स्थानीय समाजसेवी गणेश सिंह के सौजन्य से किया जा रहा है. मौके पर राहुल पांडेय, गणेश सिंह, बुलूरानी सिंह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, सार्थक कुमार, गोविंद, कृष्ण, जय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रह रहे है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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