बरहट . प्रखंड संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों सदस्यों ने गुरुवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी की अनुपस्थिति में पंचायत राज पदाधिकारी शशिकांत बर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए नौ फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की घोषणा की. सदस्यों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे दिन-रात प्रखंड कार्यालय परिसर के समीप आंदोलन करेंगे. ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 1994 में पिछड़ा, दलित एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र को देखते हुए बरहट ब्लॉक की स्थापना की थी. तब से यह प्रखंड कार्यालय राज्य एवं केंद्र स्तरीय चुनावों सहित तमाम प्रशासनिक कार्यों का प्रमुख केंद्र रहा है. इन्हीं कार्यों को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2025 में प्रखंड कार्यालय भवन निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी. इसके बाद भवन निर्माण विभाग पटना की ओर से 30 करोड़ 74 लाख 17 हजार रुपये की राशि आवंटित की गयी. सदस्यों ने आरोप लगाया कि राशि आवंटन के बाद अंचलाधिकारी बरहट ने भवन निर्माण के लिए राजकीय बुनियादी विद्यालय बरहट की भूमि चिह्नित की गयी थी. लेकिन इस प्रस्ताव को फाइलों में दबा दिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि साजिश के तहत प्रशासनिक दबाव में प्रखंड कार्यालय भवन को अन्यत्र शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है जो पूरी तरह गलत है. संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक चिन्हित भूमि पर ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा. ज्ञापन की प्रतिलिपि अंचलाधिकारी एवं बरहट थानाध्यक्ष को भी दी गयी है. मौके पर मुखिया प्रतिनिधि श्रीकांत उर्फ बिट्टू यादव, दिनेश यादव, फौदारी मांझी, कृष्णा हेम्ब्रम, शिवकुमार साह, शैलेन्द्र मंडल, मुरारी तुरी, कलेश्वर तुरी, टुनटुन सोरेन, मुकेश विश्वकर्मा सहित कई अन्य लोग मौजूद थे.
प्रखंड कार्यालय भवन शिफ्टिंग के विरोध में नौ से अनिश्चितकालीन धरना
प्रखंड संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों सदस्यों ने गुरुवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी की अनुपस्थिति में पंचायत राज पदाधिकारी शशिकांत बर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए नौ फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की घोषणा की.
